सिलीगुड़ी से कांवरियों का जत्था पहुंचा गुलाबबाग, विश्राम के बाद देवघर रवाना

पूर्णिया के गुलाबबाग शिविर से बंगाल और सिक्किम के कांवरियों का जत्था देवघर के लिए रवाना हुआ। कांवरियों की सेवा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं.

पूर्णिया : पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले पूर्णिया के गुलाबबाग जीरोमाइल स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर कांवरिया शिविर में बंगाल, सिक्किम समेत नेपाल, भूटान और असम से आने वाले कांवरियों की भीड़ बढ़ने लगी है. मंगलवार को सिलीगुड़ी स्थित शिवधाम, मालदा और सिक्किम से पहुंचे कांवरियों के जत्थे ने शिविर में विश्राम किया. इसके बाद देर शाम बोल बम के जयघोष के साथ सभी कांवरिये देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए.

जीरोमाइल स्थित शिविर का आयोजन स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की ओर से किया गया है. यहां मंगलवार को पूरे दिन अलग-अलग राज्यों और पड़ोसी देशों से आने वाले कांवरियों का आना-जाना लगा रहा. शिविर में कांवरियों के ठहरने, भोजन, पेयजल और दवा की व्यवस्था की गयी है. महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था की गयी है. भंडारे का भी संचालन किया जा रहा है.

सिलीगुड़ी से पहुंचे 40 कांवरिये

सिलीगुड़ी स्थित शिवधाम से करीब 40 कांवरियों का जत्था गुलाबबाग शिविर पहुंचा. नॉर्थ ईस्ट के अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रभारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि वह पिछले 35 वर्षों से लगातार सिलीगुड़ी से देवघर जाने के दौरान जीरोमाइल शिविर में रुकते हैं. उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और आस्था के साथ इस वर्ष भी कांवर यात्रा जारी है.

जत्थे में संगठन के अध्यक्ष मुकेश सिंह, मुन्ना सिंह, मुन्ना प्रसाद, संजय रस्तोगी, नागेंद्र प्रसाद समेत करीब 40 सदस्य शामिल हैं. शिविर में विश्राम के बाद सभी कांवरिये देवघर के लिए रवाना हुए.

व्यापारी और स्थानीय लोग कर रहे कांवरियों की सेवा

कांवरिया शिविर में जीरोमाइल चौक के छोटे-बड़े व्यापारी और स्थानीय लोग भी सेवा में जुटे हुए हैं. बालेश्वर यादव, देवेंद्र चोपड़ा, रंजीत सिंह, श्याम बाबू, राजेश लाहोटी, राजू लोहिया, सतीश साह, विक्रम सिंह और जनार्दन त्रिवेदी समेत कई लोग कांवरियों की सेवा में सक्रिय रहे. आयोजकों के अनुसार कांवरियों के जत्थे सुबह से देर रात तक शिविर पहुंच रहे हैं और विश्राम के बाद देवघर की ओर रवाना हो रहे हैं.


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By अखिलेश चंद्रा

अखिलेश चंद्रा प्रिंट माध्यम में 30 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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