पूर्णिया. जीएमसीएच के वार्ड में शनिवार की रात से भर्ती कोढ़ा सडक हादसे में घायल लोगों के कराहने की आवाज और अपने साथियों के खोने का दर्द उन सभी के चेहरे पर स्पष्ट नजर आता है. घायलों में कोई किसी का पड़ोसी है तो कोई किसी का पिता, पति और बेटी. सभी आस पास के बेड पर इलाजरत हैं. किसी के चेहरे पर चोट आयी है तो किसी का सर फूटा है. किसी के हाथ की हड्डी टूट गयी है तो कोई जांघ की हड्डी के फ्रैक्चर हो जाने से बैठ भी नहीं पा रहा है. इस बीच कुछ घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गयी है जबकि जीएमसीएच में एक की स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है. घायलों में महिला पुरुष और बच्चे सभी शामिल हैं. सभी के चेहरे पर इस अप्रत्याशित हादसे का खौफ है वे इतने सदमें में हैं कि कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं. हालांकि जीएमसीएच के चिकित्सक भर्ती मरीजों की स्थिति को देखते हुए उनका इलाज कर रहे हैं और मरीजों की स्थिति को ठीक ठाक बताया है. बताते चलें कि शनिवार की रात कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड स्थित एनएच 31 पर एक बस और पिकअप वाहन की हुई आमने सामने की टक्कर में पिकअप पर सवार करीब दो दर्जन लोग दुर्घटना की चपेट में आ गये थे. इस हादसे में कई लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि 17 के करीब घायलों को इलाज के लिए जीएमसीएच लाया गया जिनमें से इलाज के दरम्यान तीन लोगों की मौत हो गयी. तीन अन्य की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें रेफर कर दिया जबकि तीन की स्थिति को ठीक देखते हुए उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से रविवार को छुट्टी दे दी गयी. अस्पताल से छुट्टी पाने वालों में टेरेसा कुमारी, खुशबू मरांडी एवं रश्मि के नाम शामिल हैं जबकि करीब 7 माह के बच्चे को रेफर किया गया है. अभी चार घायलों का यहां इलाज चल रहा है.सभी पीड़ित आदिवासी समुदाय से हैं और वे सभी झारखंड स्थित साहबगंज पचकठिया के बडहडवा मेले से पूजापाठ के बाद अपने घर वापस लौट रहे थे. इस दुर्घटना हादसे में अपनी बहन ताला सोरेन को खो चुके रबीन्द्र सोरेन जीएमसीएच में अपने घायल 50 वर्षीय बहनोई जीतू टुडू का इलाज करा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनकी बहन और बहनोई गुरुवार को इस मेले में भाग लेने के लिए एक साथ निकले थे लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि अपनी बहन से उनकी यह आखिरी मुलाक़ात होगी. हादसे के बाद उनकी बहन की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी उसके बाद उनकी बहन का कटिहार में पोस्टमार्टम कराया गया और अब उनका बेटा अपनी मां के क्रियाकर्म में लगा है जबकि उनके बहनोई का इलाज जीएमसीएच में चल रहा है. वहीं इस हादसे में घायल 50 वर्षीय रानीपतरा निवासी बाबूजी उर्फ़ भीम हांसदा ने बुद बुदाते हुए बताया कि रास्ते में दो समोसा खाकर चले ही थे कि यह दुर्घटना हो गयी. जिसके बाद वे बेहोश हो गये और जब होश आया तो अस्पताल की बेड पर पड़े थे. इस घटना में उनका एक हाथ टूट गया है और दूसरे कंधे में गंभीर चोट आई है. इस हादसे में उनकी पत्नी मरानमय टुड्डू और बेटी सोनिया हांसदा को भी चोटें आयीं हैं. जीएमसीएच में भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे संजय हांसदा कहते हैं कि इस दुर्घटना ने कई परिवारों की जिन्दगी को तहस नहस कर दिया है. उन्होंने बताया कि उन्हीं के गांव सुहुआ रानीपतरा के निकट गोहरा पंचायत की रहने वाली तालमी मरांडी और उनकी करीब 9 वर्षीया बेटी की इस सडक हादसे में मौत हो चुकी है जबकि तालमी मरांडी पूर्व में ही अपने पति को भी खो चुकी थी और अब उनके बेटे अजय हांसदा की शादी इसी लगन में होने वाली थी. उनके परिवार में अब सिर्फ दो बेटे ही बचे हैं सारा ख़ुशी का माहौल गम में तब्दील हो गया है. इधर घायलों के इलाज और उसकी व्यवस्था में स्थानीय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव की ओर से आदिल आरजू लगातार अपनी सेवाएं देने में लगे हैं जबकि सांसद प्रतिनिधि (नगर) वैश खान एवं बबलू भगत भी निगरानी करते नजर आये.
कोढ़ा सड़क हादसा : घायलों के आंखें बयां कर रही हादसे की दर्दनाक कहानी
कोढ़ा सड़क हादसा
