गर्म हुआ मौसम मिजाज, हीटवेब को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

गर्म हुआ मौसम मिजाज

डायरिया और वायरल फीवर का भी बढ़ा असर

पूर्णिया. अप्रेल माह के शुरू होते ही जिले में मौसम का मिजाज भी गर्म होना शुरू हो गया है. वातावरण में इन दिनों सुबह की सिहरन और दिन चढ़ते ही तपती धूप की जलन से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. इस वजह से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी है. हर रोज बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज करवाने यहां पहुंच रहे हैं. इनमें मौसमी बीमारी सर्दी, खांसी और वायरल फीवर के मामलों के अलावा डायरिया के भी मरीज शामिल हैं. इधर, मौसम विभाग द्वारा भी लगातार गर्मी के और बढ़ने के संकेत दिए जा रहे हैं जो फिलहाल 37 डिग्री के करीब है. दूसरी ओर अधिकतम और न्यूनतम पारे के बीच का अंतर भी लगभग दोगुना है. वहीं रह रह कर बहने वाली पछुआ हवा ने भी गर्मी को अपनी ताकत दे दी है. गर्मी और तेज धूप की वजह से हीटवेब के शिकार मरीजों की भी संख्या इन दिनों दिखने लगी है. यही हाल जिले सहित लगभग सभी स्वास्थ्य केंद्रों और रेफरल अस्पतालों में भी बनी हुई है. जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की माने तो आनेवाले मरीजों में अमूमन 25 प्रतिशत से ज्यादा मरीज मौसमी बीमारियों से प्रभावित हैं. इनमें ज्यादातर सर्दी, खांसी, बुखार के साथ साथ उल्टी और दस्त के मरीज शामिल हैं. मौसम विभाग के अनुसार आनेवाले दिनों में तापमान में और भी बढ़ोत्तरी की आशंका है इससे लू चलने तथा लोगों के हीटवेव के शिकार होने की संभावनाएं हैं. इसी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने भी अप्रेल माह के शुरू होते ही सभी अस्पतालों सहित मेडिकल कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों पर हीटवेब के शिकार मरीजों को शीघ्र राहत पहुंचाने और उनकी सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. जिनमें सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सभी अनुमंडलीय अस्पतालों में डेडिकेटेड कमरे हीटवेब यानि लू के शिकार मरीजों के लिए तमाम तैयारियों के साथ सुरक्षित रखने को कहा था ताकि पीड़ित के लिए राहत के साथ साथ त्वरित गति से उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित हो और मरीज शीघ्र अपनी पूर्व जैसी सामान्य स्थिति में आ सके.

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चिकित्सक की सलाह

कभी भी खाली पेट धूप में न निकलें.

समय समय पर थोड़ा थोड़ा पानी पीते रहें.

हलके और ढीले ढाले सूती कपडे ही पहने छातों के साथ साथ पूरे शरीर को ढक कर ही बाहर निकलें.

धूप से आकर तुरंत ठंडे पानी या अन्य पेय पदार्थ का सेवन न करें.

हीटवेब के शिकार होने पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें …………………………….

बोले सिविल सर्जन

इस मौसम में तेज धुप की गर्मी, लू और अगलगी की घटना में पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पहले से ही सुनिश्चित रहती है. इसी के तहत सभी अस्पतालों में अलग से वार्ड तैयार करने को कहा गया है. सभी पीएचसी के लिए भी गाइडलाइन है कि एसी कमरे, कूलर सहित कम से कम दो बेड आवश्यक रूप से तैयार रखे जायें और बर्न वार्ड अलग बनाये जायें. सभी प्रभारी को दिशा निर्देश दिया गया है और आवश्यक दवा, ओआरएस आदि उपलब्ध करा दी गयी है.

डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, सिविल सर्जन

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By SATYENDRA SINHA

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