कारतूस की हेराफेरी के आरोप में गन हाउस का संचालक गिरफ्तार

फर्जी तरीके से बेचे गये थे 90 कारतूस

मृत लाइसेंसधारी के नाम पर फर्जी तरीके से बेचे गये थे 90 कारतूस पूर्णिया. पूर्णिया के विशाल गन हाउस द्वारा लाइसेंसी हथियारों की आड़ में अवैध रूप से कारतूस की हेराफेरी किये जाने का पुलिस ने खुलासा किया है. इस गोरखधंधे की सच्चाई सामने के आने के बाद पुलिस ने पूर्णिया के विशाल गन हाउस के संचालक इन्द्रजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. गुरुवार को इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने बताया कि गिरफ्तार विशाल गन हाउस के संचालक इन्द्रजीत कुमार द्वारा खगड़िया निवासी जगदीश प्रसाद निराला के नाम पर फर्जी तरीके से 90 कारतूस जून 2025 के अलग-अलग तिथियों में निर्गत किये गये हैं. जबकि निराला की मृत्यु वर्ष 2024 में हो चुकी है. एसपी ने बताया कि 90 कारतूस में से 50 कारतूस मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने बरामद किया है. जबकि अन्य कारतूस का अनुसंधान जारी है.

दरअसल, इसका खुलासा तब हुआ जब 11.जुलाई 2025 को एसटीएफ पटना द्वारा हाजीपुर रेलवे स्टेशन के स्टैंड के इलाके में छापामारी कर 05 अपराधी को अवैध कारतूस, आर्म्स लाइसेंस बुक एवं अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान पकड़े गये अभियुक्तों द्वारा हाजीपुर रेल थाना को बताया गया कि जब्त लाइसेंस बुक नं0-22/2008 जगदीश प्रसाद निराला, पिता स्व. जामुन यादव, सा. कुम्हरचकी, थाना मुफस्सिल जिला खगड़िया के नाम का है तथा उक्त लाइसेंसधारी की मृत्यु जुलाई 2024 में हो गयी है. गिरफ्तार अभयुक्तों ने बताया कि जगदीश प्रसाद निराला के लाइसेंस पर हमलोग (अभियुक्त) पूर्णिया के विशाल गन हाउस के संचालक इन्द्रजीत कुमार, पिता ब्रजकिशोर सिंह, सा. महबुब खान टोला, थाना सहायक खजांची, जिला पूर्णिया से कारतूस खरीद कर हाजीपुर बेचने आये थे. इस घटना के संबंध में हाजीपुर रेल थाना कांड सं.-112/2025 दर्ज किया गया है.

फर्जी हस्ताक्षर से की गयी थी कारतूस की बिक्री

एसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष रेल थाना हाजीपुर के अनुरोध पर पूर्णिया पुलिस ने विशालगन हाउस के पंजी की जांच की. गन हाउस की खरीद-बिक्री पंजी का अवलोकन करने पर पाया गया कि लाइसेंसधारी जगदीश प्रसाद निराला के लाइसेंस पर 27.06.25 को 0.315 बोर का 20 कारतूस, 28.06.25 को 0.315 बोर का 20 कारतूस तथा 29. 06.25 को 0.315 बोर का 50 कारतूस खरीदा गया तथा तीनों खरीद के प्राप्ति रसीद में लाइसेंसधारी जगदीश प्रसाद निराला का हस्ताक्षर भी है जबकि रेल थाना हाजीपुर के अनुसार लाइसेंसधारी जगदीश प्रसाद निराला की मृत्यु जुलाई 2024 में ही हो गयी है. इस जांच के बाद विशाल गन हाउस के संचालक इन्द्रजीत कुमार से उक्त लाइसेंसधारी के मृत्यु उपरान्त किस व्यक्ति द्वारा कारतूस खरीद कर पंजी में हस्ताक्षर किया गया है, के बारे में पूछने पर उनके द्वारा न ही कोई कागजात प्रस्तुत किया गया एवं न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया.एसपी ने बताया कि जांचोपरान्त विशाल गन हाउस के संचालक इन्द्रजीत कुमार को कारतूस हेरा-फेरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. अग्रतर कार्रवाई की जा रही है.

गन हाउस के लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव

एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि विशाल गन हाउस की खरीद-बिक्री पंजी में और दो संदिग्ध के नाम मिले हैं. इनमें एक झारखंड का फर्जी नंबर अंकित है. इसकी जांच करायी जा रही है. पंजी को जब्त कर लिया गया है. इनकी पंजी में इंट्री जितने भी लाइसेंसधारी है, इनका सत्यापन किया जायेगा. एसपी ने बताया कि विशालगन हाउस के लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है.

चार साल पूर्व भी इसी तरह का मामला सामने आया था

उल्लेखनीय है कि कारतूस के खरीद-बिक्री में हेरा-फेरी करने के आरोप में विशाल गन हाउस के संचालक इन्द्रजीत कुमार पर पूर्व में के.हाट थाना काण्ड सं0-97/2021 दिनांक 29.01.21 दर्ज है.छापेमारी दल में केहाट थानाध्यक्ष थाना पुनि उदय कुमार,पुअनि प्रिया कुमारी, पुअनि राज कुमार, केहाट थाना शामिल थे. पुलिस ने विशाल गन हाउस के खरीद-बिक्री से संबंधित पंजी का सत्यापित प्रति बरामद किया है.

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Author: ARUN KUMAR

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