जतन देवी संचेती का मरणोपरांत हुआ नेत्रदान, छह जिंदगियों में भरी रोशनी

पूर्णिया में 80 वर्षीया जतन देवी संचेती के निधन के बाद परिजनों ने उनका नेत्रदान कराया. इस नेक काम से छह लोगों की ज़िंदगी में रोशनी आने की उम्मीद जगी है. यह मानव सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण है.

पूर्णिया : गुलाबबाग निवासी 80 वर्षीया जतन देवी संचेती के निधन के बाद परिजनों ने मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए उनका नेत्रदान कराया. दोनों कॉर्निया दान किए जाने से छह लोगों की जिंदगी में रोशनी आने की उम्मीद जगी है.

तेरापंथ युवक परिषद गुलाबबाग की पहल पर रविवार को कटिहार मेडिकल कॉलेज से डॉ. अभय यादव के नेतृत्व में पहुंची मेडिकल टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करायी. जतन देवी संचेती, शुभकरण जी संचेती की धर्मपत्नी थीं. परिजनों की सहमति से मरणोपरांत उनका नेत्रदान कराया गया.

नेत्रदान के दौरान संचेती परिवार के सदस्यों के साथ समाज के लोग भी मौजूद रहे. मानव सेवा के इस कार्य के लिए तेरापंथ युवक परिषद गुलाबबाग समेत तेरापंथ समाज के लोगों ने संचेती परिवार के प्रति आभार जताया.

तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष मोहित संचेती, मंत्री रवि बोथरा, अरुण संचेती, प्रवीण नोलखा, मुकेश संचेती, चेतन चोपड़ा, अंकित दुग्गड़, सौरव दुग्गड़, मोहित दुधेरिया, पूर्व अध्यक्ष रूपेशजी डूंगरवाल समेत परिषद के 10 सदस्य मौजूद रहे.


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By अखिलेश चंद्रा

अखिलेश चंद्रा प्रिंट माध्यम में 30 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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