पूर्णिया के गुलाबबाग स्थित तेरापंथ भवन के प्रज्ञा सभागार में जैन धर्म के आचार्य श्री तुलसी के पट्टोत्सव के अवसर पर 33वें विकास महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक नवकार मंत्र के साथ हुई. इसके बाद सामूहिक जाप, मंगलाचरण, संस्मरण, गीतिका और भजन की प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरुदेव तुलसी के व्यक्तित्व और उनके अवदानों को याद किया गया.
सामूहिक नवकार मंत्र से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत उपासिका प्रवक्ता संतोष देवी श्रीमाल एवं उपासिका सीमा जी बैद की उपस्थिति में सामूहिक नवकार मंत्र के साथ हुई. इसके बाद करीब 10 मिनट तक सामूहिक जाप कर गुरुदेव तुलसी का स्मरण किया गया. महिला मंडल की ओर से मंगलाचरण की प्रस्तुति भी दी गई.
वरिष्ठ श्रावक ने साझा किया संस्मरण
कार्यक्रम में वरिष्ठ श्रावक महावीर जी चोपड़ा ने गुरुदेव तुलसी से जुड़े अपने संस्मरण साझा किए. उन्होंने गुरुदेव के व्यक्तित्व, विचारों और समाज के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं.
युवक परिषद ने गीतिका के माध्यम से व्यक्त की भावना
युवक परिषद के सहमंत्री मुकेश जी संचेती ने अपने विचार रखने के साथ गीतिका के माध्यम से गुरुदेव तुलसी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. वहीं शनिवार सामायिक सह भजन मंडली की ओर से प्रभारी सुरेंद्र जी बैद, मंजु देवी बेंगानी एवं शांता जी संचेती ने भावपूर्ण गीतिका प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया.
सभा अध्यक्ष ने भी रखे अपने विचार
श्री जैन श्वेतांबर सभा के अध्यक्ष मनोज जी पुगलिया ने भी गुरुदेव तुलसी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने उनके योगदान और समाज को दिए संदेशों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया.
गुरुदेव तुलसी के अवदानों पर विस्तार से चर्चा
कार्यक्रम के दूसरे चरण में उपासिका सीमा जी बैद एवं उपासिका प्रवक्ता संतोष श्रीमाल ने गुरुदेव तुलसी के विभिन्न अवदानों पर विस्तार से अपने विचार रखे. उन्होंने उनके धार्मिक, सामाजिक और संगठनात्मक योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया.
सामूहिक संघ गान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का संचालन सभा के सह मंत्री चंदन जी डागा ने किया. विभिन्न प्रस्तुतियों और वक्ताओं के विचारों के बाद कार्यक्रम का समापन सामूहिक संघ गान के साथ हुआ.
