तिलकुट व मखाना पर से हटे जीएसटी : सांसद

सांसद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा पत्र

सांसद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा पत्र

पूर्णिया. पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार की सांस्कृतिक धरोहर और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े उत्पादों तिलकुट और मखाना पर लगे जीएसटी को समाप्त करने या न्यूनतम दर तक सीमित करने की मांग उठाई है. इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक विस्तृत पत्र सौंपा है. सांसद पप्पू यादव ने पत्र में तर्क दिया है कि इन दोनों उत्पादों पर लगाया गया टैक्स न केवल उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ है, बल्कि किसानों, कुटीर उद्योगों और छोटे व्यापारियों की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर डालता है. सांसद ने कहा कि तिलकुट बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है. मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि और कई अन्य पर्वों पर यह केवल एक मिष्ठान नहीं, बल्कि एक पवित्र प्रसाद के रूप में उपयोग किया जाता है. हजारों परिवार इसके निर्माण और बिक्री से जुड़े हुए हैं. जीएसटी के कारण इस पारंपरिक मिठाई का मूल्य बढ़ जाता है, जिससे उपभोक्ता प्रभावित होते हैं और छोटे कारीगरों व उत्पादकों की आय घटती है. पप्पू यादव ने इसे आस्था और परंपरा से खिलवाड़ बताते हुए तिलकुट पर पूर्ण टैक्स छूट की मांग की है. इसी प्रकार मखाना को सांसद पप्पू यादव ने बिहार की वैश्विक पहचान बताया. उन्होंने कहा कि कोशी-सीमांचल मखाना उत्पादन का वैश्विक केंद्र है. आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक और निर्यातक देश है, और यह उपलब्धि बिहार के किसानों की मेहनत का परिणाम है लेकिन पांच प्रतिशत जीएसटी दर ने किसानों और छोटे उत्पादकों की कमर तोड़ दी है. सांसद ने कहा कि मखाना पूरी तरह से कृषि आधारित उत्पाद है, इसे टैक्स मुक्त कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि मखाना पर जीएसटी हटाया जाए तो किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ेंगी और भारत का वैश्विक निर्यात और मजबूत होगा.

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Author: ARUN KUMAR

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