पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट
GMCH Purnia: राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पूर्णिया में सीमांचल के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों, विशेषकर महिला स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रबंधन पूरी तरह गंभीर है. यही कारण है कि जीएमसीएच की ओपीडी में रोजाना स्त्री एवं प्रसूति रोग (गायनी) विभाग से जुड़ी महिला मरीजों की भारी तादाद उमड़ती है. महिला मरीजों की इस अत्यधिक भीड़ को देखते हुए और उन्हें बिना किसी असुविधा के ऑन-स्पॉट गुणवत्तापूर्ण इलाज व परामर्श उपलब्ध कराने के लिए आज शुक्रवार को विशेष तौर पर तीन विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है. अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी के सुचारू संचालन को लेकर डॉक्टरों का रोस्टर चार्ट जारी कर दिया है.
जीएमसीएच पूर्णिया: शुक्रवार का संपूर्ण ओपीडी डॉक्टर रोस्टर
आज शुक्रवार को अस्पताल के विभिन्न विभागों में मरीजों की जांच और परामर्श के लिए निम्नलिखित वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की गई है:
| विभाग (Department) | तैनात चिकित्सक का नाम (Doctor’s Name) |
| गायनी (स्त्री एवं प्रसूति रोग) | डॉ. रीचा झा, डॉ. निहारिका, डॉ. नुपूर |
| मेडिसिन (सामान्य रोग) | डॉ. पंकज |
| सर्जरी | डॉ. तारकेश्वर |
| ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) | डॉ. सिद्धार्थ सोहन |
| पीडियाट्रिक (शिशु रोग) | डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राजू कुमार, डॉ. आमिर |
| स्किन (त्वचा रोग) | डॉ. जॉली |
| इएनटी (कान-नाक-गला रोग) | डॉ. गोपाल झा |
| आंख (नेत्र रोग) | डॉ. श्वेता भारती, डॉ. प्रज्ञा प्रसून |
दो पालियों में संचालित होगी ओपीडी; नोट कर लें रजिस्ट्रेशन का समय
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ओपीडी में आने वाले मरीजों को समय पर सुलभ इलाज मिल सके, इसके लिए ओपीडी और काउंटर के समय को व्यवस्थित किया गया है. मरीज और उनके तीमारदार समय-सारणी के अनुसार ही अस्पताल पहुंचे ताकि लंबी कतारों से बचा जा सके:
- प्रथम पाली (Morning Shift): सुबह 09:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक.
- द्वितीय पाली (Evening Shift): शाम 04:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक.
- सुबह का काउंटर रजिस्ट्रेशन: प्रातः 08:30 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक पर्ची कटवाई जा सकती है.
- शाम का काउंटर रजिस्ट्रेशन: दोपहर बाद 03:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक काउंटर खुला रहेगा.
जीएमसीएच के उपाधीक्षक ने बताया कि ओपीडी में आने वाली गंभीर महिला मरीजों और बुजुर्गों को कतारों में प्राथमिकता दी जाएगी. सभी काउंटरों पर पर्याप्त मात्रा में मुफ्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दवा वितरण केंद्र (डीडीसी) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि मरीजों को बाहर की महंगी दवाइयां न खरीदनी पड़ें.
