राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH), पूर्णिया में रविवार यानी आज साप्ताहिक अवकाश होने के कारण आम बाह्य रोगी विभाग (OPD) सेवाएं बंद रहेंगी. हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और विभिन्न विभागों में भर्ती मरीजों के त्वरित उपचार व डॉक्टरी सलाह के लिए विशेष रोस्टर जारी किया गया है. आज सायंकालीन (इवनिंग) शिफ्ट में विशेष तौर पर 5 चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जबकि सुबह और रात की शिफ्ट में 4-4 डॉक्टर मुस्तैद रहेंगे.
तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे डॉक्टर, देखें डॉक्टरों की सूची
जीएमसीएच प्रबंधन द्वारा रविवार की आपातकालीन सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए जारी की गई डॉक्टरों की ड्यूटी लिस्ट इस प्रकार है:
1. प्रातःकालीन सेवा (मॉर्निंग शिफ्ट)
सुबह की शिफ्ट में मरीजों की देखभाल के लिए 4 चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी:
- डॉ. जितेंद्र कुमार दास
- डॉ. सुशांत
- डॉ. नगमा खातुन
- डॉ. हिमांशु शर्मा
2. संध्याकालीन सेवा (इवनिंग शिफ्ट)
शाम की शिफ्ट में सबसे ज्यादा 5 चिकित्सकों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं:
- डॉ. गोपाल कुमार झा
- डॉ. शमा
- डॉ. ज्योति कुमारी
- डॉ. विनायक राज
- डॉ. नीतीश कुमार
3. रात्रिकालीन सेवा (नाइट शिफ्ट)
आपातकालीन मामलों के लिए रात की शिफ्ट में भी 4 डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की गई है:
- डॉ. प्रेमप्रकाश
- डॉ. जावेद अख्तर
- डॉ. आसिफ हुसैन
- डॉ. निखिल आर्या
इन गंभीर विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी रहेंगे ऑन-ड्यूटी
सामान्य इमरजेंसी सेवाओं के अतिरिक्त, जीएमसीएच पूर्णिया में विशिष्ट बीमारियों और गंभीर मामलों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialists) को भी अलर्ट पर रखा गया है, जो ऑन-कॉल और वार्डों में अपनी सेवाएं देंगे:
- शिशुरोग विभाग (Pediatrics): बच्चों के इलाज के लिए डॉ. प्रेम प्रकाश कमान संभालेंगे.
- ऑर्थोपेडिक विभाग (Ortho): हड्डी व जोड़ रोग सम्बन्धी मामलों के लिए डॉ. सी.के.दास और डॉ. संदीप आनंद मौजूद रहेंगे.
- इएनटी विभाग (ENT): कान, नाक और गला रोग के मरीजों के लिए डॉ. ज्योति को तैनात किया गया है.
- नेत्र विभाग (Ophthalmology): आंख से जुड़ी समस्याओं के लिए डॉ. सबा परवीन अपनी सेवाएं देंगी.
अस्पताल अधीक्षक ने सभी प्रतिनियुक्त डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर अपनी शिफ्ट में उपस्थित रहने और गंभीर मरीजों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर त्वरित चिकित्सा लाभ देने का निर्देश दिया है.
