पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय की ओर से से जहां एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है तो वहीं इस दिशा में कुछ कॉलेजों ने लीड भी लेनी शुरू कर दी है. इससे सीमांचल के अन्य अंगीभूत कॉलेजों को भी नये लक्ष्य मिलने लगे हैं. वर्तमान में पूर्णिया महिला महाविद्यालय ने अपनी वार्षिक पत्रिका अरुषा की शुरुआत की है. इससे शिक्षकों और छात्राओं को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम मिल गया है. प्रधानाचार्य प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता की पहल पर यह शुरुआत हुई. इसी कड़ी में जीएलएम कॉलेज बनमनखी का भी नाम आता है. प्रधानाचार्य डॉ प्रमोद भारतीय की पहल पर कॉलेज के सांस्कृतिक दल के 13 चयनित छात्र-छात्राओं को सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, खरसांग एवं दार्जिलिंग के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का शैक्षणिक टूर कराया गया है. कुछ महीने पहले प्रधानाचार्य प्रो. सावित्री सिंह के प्रयास से पूर्णिया कॉलेज ने भारतीय क्रिकेटर आकाशदीप के मेंटोरशिप के अंतर्गत एक क्रिकेट एकेडमी से एमओयू किया है. इसी प्रकार से अन्य कॉलेजों में भी यह मांग जोर पकड़ रही है कि एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी के तहत कुछ ठोस किया जाये जिससे कि छात्र-छात्राओं को विभिन्न विधाओं में बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके. कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह भी विभिन्न अवसरों पर छात्र-छात्राओं को संदेश देते हैं कि एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी में हमेशा भागीदारी करें. साथ ही कॉलेजों से भी अपेक्षा रखते हैं कि कॉलेज इस दिशा में आवश्यक पहल करते रहेंगे.
सिर्फ किताबें नहीं, कॉलेजों में एक्स्ट्रा एक्टिविटी भी अनिवार्य बने
पूर्णिया विश्वविद्यालय
