मांगों के समर्थन में कार्यपालक सहायकों ने किया प्रदर्शन

10 सितंबर के बाद दो दिनों के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे

संघ ने दी धमकी – 10 सितंबर के बाद दो दिनों के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे

फिर भी सरकार ने मांगों को किया नजरअंदाज तो बेमियादी हड़ताल भी संभव

पूर्णिया. बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के बैनर तले जिला कार्यपालक सहायकों ने अपनी लंबित 11 सूत्री मांगों को लेकर रविवार को धरना दिया और प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. धरना का नेतृत्व जिलाध्यक्ष मनु कुमार कर रहे थे. संघ ने अगाह किया है कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती है, तो 10 सितंबर के बाद सभी दो दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और फिर बेमियादी हड़ताल पर भीजाएंगे. जिलाध्यक्ष ने मनु कुमार ने कहा कि वे पिछले चौदह वर्षों से सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीन पर उतारने का कार्य पूरी निष्ठा से कर रहे हैं. पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक कार्यपालक सहायक के बिना कोई भी कार्य संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अन्य सभी संविदा कर्मियों के वेतन और मांगों को पूरा किया है, लेकिन कार्यपालक सहायक को नजर अंदाज किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि हमारी आधी उम्र सरकार के ही कार्यों में बीत गयी है, लेकिन आज भी वे सभी अल्प वेतन में अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं. महंगाई के इस दौर में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य खर्चों का बोझ उठाना हमारे लिए असंभव हो गया है.

उन्होंने बताया कि आकस्मिक निधन होने पर कार्यपालक सहायक के आश्रित को कम से कम 40 लाख रूपया तत्काल सहायता देने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि राज्य संघ द्वारा नियमित अपने लंबित मांगों के लिए सरकार को कई बार पत्राचार किया. लेकिन कार्यपालक सहायकों को सिर्फ आश्वासन देकर बैठक पर बैठक कर ठगने का कार्य किया गया. सरकार द्वारा सिर्फ अन्य विभाग के अन्य पद धारक का मानदेय दोगुना किया जा रहा है. लेकिन कार्यपालक सहायक जो प्रत्येक कार्यालय में कार्यरत हैं, उनका भला नहीं हो रहा है. जिलाध्यक्ष मनु ने बताया कि धरना प्रदर्शन के माध्यम से संघ द्वारा अपनी 11 सूत्री मांगें सरकार के सामने रखी गयी हैं. इनमें सभी कार्यपालक सहायकों को राज्य कर्मी का दर्जा, स्थायी वेतनमान के साथ सातवें वेतन आयोग के अनुसार उन्हें लेवल 6 का वेतनमान, नियुक्ति की तिथि से ईपीएफ और सभी को चिकित्सा लाभ देने, आकस्मिक निधन की स्थिति में आश्रितों को 40 लाख का उपादान और नौकरी देने, आवेदन के आधार पर गृह जिला में तबादला आदि इनकी प्रमुख मांगों में शामिल है. इस मौके पर सचिव मो तारिक अनवर, उपाध्यक्ष सगीर अहमद जाफरी, कोषाध्यक्ष मिथुन कुमार, शरद कुमार, सुमन कुमार ठाकुर, रितेश कुमार, अमित कुमार, शिवेश कुमार, सुशांत कुमार सुमित कुमार प्रिंस, रविन्द्र कुमार, रतन कुमार रंजन, संतोष कुमार भारती, सूरज कुमार ठाकुर, राकेश कुमार, मनीष कुमार, पूजा कुमारी, जन्नत प्रवीण, सीमा, सुमन कुमार ठाकुर, दीपा कुमारी, पिंकी कुमारी, शिवेश कुमार, पंकज कुमार साह, मुकेश कुमार , अरविंद कुमार सिंह, पवन जायसवाल आदि उपस्थित थे.

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