– आरडब्ल्यूडी के कनीय अभियंता ने कहा- पुल को लेकर भेजी गयी रिपोर्ट पर स्वीकृति मिलते ही आगे का कार्य होगा
सुनील कुमार, अमौर. अमौर प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र से गुजरने वाली कनकई नदी के किनारे तालबाड़ी पंचायत के सीमलबाड़ी घाट पर पुल निर्माण की आस जगी है. इसे लेकर विभागीय स्तर पर कवायद शुरू की गयी है. इस संबंध में आरडब्ल्यूडी के कनीय अभियंता श्याम कुमार ने बताया कि इस पुल को लेकर इसकी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेज दी गयी है. स्वीकृति मिलते ही आगे का कार्य किया जाएगा. गौरतलब है कि सीमलबाड़ी घाट पर पुल के अभाव में कई पंचायतों के लोगों को 30 से 40 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ता है. छोटी- मोटी सवारी नाव के सहारे आवागमन करती हैं. हालांकि इससे हमेशा हादसे का भय बना रहता है. मुखिया प्रतिनिधि मो. मोहसीन आलम, सरपंच प्रतिनिधि मो. जावेद आलम, समाजसेवी मो, कौनेन आलम व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कनकई नदी में सीमलबाड़ी घाट पर पुल की जरूरत है. सीमलबाड़ी घाट पर पुल निर्माण नहीं होने के कारण अमौर और बैसा प्रखंड के दर्जनों गांव के 50 हजार लोगों के आवागमन का एकमात्र साधन नाव ही है. बाढ़ व बरसात के दिनों में लोगों को रौटा -बैसा होते हुए 40 किलोमीटर अतिरिक्त सफर कर अमौर प्रखंड मुख्यालय और जिला मुख्यालय जाना पड़ता है.पुल बनेगा तो रिश्ते भी जुड़ेंगे
ग्रामीण बताते हैं कि इस घाट पर पुल के अभाव में रिश्ते बनते-बनते रह जाते हैं. शादी-ब्याह को लेकर भी नए मेहमान रिश्ता लेकर आते हैं, वे रास्ता को देखकर ही मना कर देते हैं. क्योंकि यहां आवागमन के लिए नाव ही एक सहारा है, जिससे काफी कठिनाई होती है. पुल निर्माण होने से कई पंचायत के लिए प्रखंड मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय जाने के लिए काफी आसान हो जाएगा.दूरी घटकर रह जायेगी 10 किमी
ग्रामीण बताते हैं कि अभी 10 किलोमीटर की जगह 40-50 किलोमीटर दूरी तय कर जाना पड़ता है. वहीं बाढ़ के समय में खासकर यहां पर काफी कठिनाई का सामना करना होता है. कोई बीमार पड़ जाए तो समय पर डॉक्टर के पास नहीं पहुंच पाते हैं. कई बार नाव दुर्घटना हो चुकी है. अगर यहां पर पुल का निर्माण हो जाता है तो 10 किलोमीटर में ही प्रखंड मुख्यालय पहुंच सकते हैं.
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