Ground Reality Check : अमौर प्रखंड की आमगाछी पंचायत में मंगलवार को आयोजित विशेष सहयोग शिविर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण के लिए पहुंच गए. डीएम ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का विस्तार से निरीक्षण किया और वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मियों से संचालित योजनाओं की प्रगति, लाभुकों की संख्या तथा आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी जाना कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं.
ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने केवल अधिकारियों से जानकारी लेने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे बातचीत की. उन्होंने लोगों से योजनाओं का लाभ मिलने की स्थिति, आवेदन प्रक्रिया और सामने आने वाली समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली. ग्रामीणों की बात सुनने के बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके.
अधिकारियों को दी पारदर्शिता और जवाबदेही की नसीहत
डीएम अंशुल कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को पूरी गंभीरता से सुना जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और सभी मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि विशेष सहयोग शिविर का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है, इसलिए हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाए.
कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे. मौके पर एडीएमओ प्रणव कुमार, एसडीएम अभिषेक रंजन, एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय, डीसीएलआर रोशन राज, बीडीओ राजाराम पंडित, अंचलाधिकारी शमीना खातून, राजस्व अधिकारी कृष्ण मोहन राय, बीपीआरओ नूतन कुमारी, सीडीपीओ अमृता वर्मा सहित आमगाछी पंचायत के मुखिया सन्नवर आलम, सरपंच अनीस रहमान, समिति सदस्य मंजूर आलम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. निरीक्षण के बाद प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि शिविर के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाएगा, ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके.
