दशहरा की उतरी खुमारी अब हो रही दीपावली की तैयारी, सजने लगे हैं बाजार

सजने लगे हैं बाजार

पूर्णिया. दशहरा का त्योहार खत्म होते ही जिले में दीपावली की तैयारी शुरु होने लगी है. दीपावली में विशेषकर साफ-सफाई के बाद घर, प्रतिष्ठान और दुकानों सहित अन्य स्थानों को रौशन किया जाता है जिससे अधिकांश लोग अपने घरों की साफ सफाई व रंग रोगन की तैयारियां करने लगे हैं. रंग रोगन सामग्री की दुकानों में भीड़ बढ़ने लगी है. मजदूरों के काम-धंधे में इजाफा होने लगा है. लोग अपने-अपने घरों को रंग-रोगन कराने में जुटे हुए हैं. शहर के बाजार भी लगभग तैयार हो गये हैं. कहीं इलेक्ट्रॉनिक वल्ब और झालर के दुकान सजने लगे हैं कहीं गारमेंट्स की दुकानों के स्टॉक भरे जा रहे हैं. दुकानदारों ने बताया कि दशहरा के बाद से दीपावली की तैयारी शुरु हो जाती है. जिसमें अच्छी खासी बिक्री की संभावना रहती है. लोग दीपावली के साथ छठ की भी तैयारी कर लेते हैं. इसको लेकर शहर सहित जिले भर के बाजारों की रौनक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. आम दिनों की अपेक्षा व्यावसायिक प्रतिष्ठानें जल्दी खुलने लगी हैं और देर शाम तक खोलकर रखी जाने लगी है. शहर की सड़कें आमतौर पर दोपहर के समय खाली रहती थी और दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार करते देखा जाता था. लेकिन, दीपावली की खरीदारी को लेकर इन दिनों दोपहर को भी शहर की सड़कों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में चहल-पहल शुरू है. कपड़ा एवं रेडीमेड भी खरीददारी भी लोग करना शुरू कर दिया है. दीपावली में गणेश और धन के देवता कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है जिससे चारों ओर साफ-सफाई का कार्य जोरों पर है. दीपावली के दिन मिट्टी के दीपक में घी, तेल डालकर रौशन करने की परंपरा है.

तेज हो गई चाक की रफ्तार

दीपावली के नजदीक आते ही कुम्हारों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. शहर के आसपास के गांवों में मिट्टी के दीपक बनाने का काम जोरों पर है जहां लगातार चाक घूम रहे हैं. हजारों की संख्या में दीपक तैयार किए जा रहे हैं. कुम्हार बस्तियों में सुबह से देर रात तक काम जारी है. कुम्हार बताते हैं कि वे ग्राहकों की मांग पूरी करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. मिट्टी के चूल्हे, गुल्लक और छोटे खिलौने भी बनाए जा रहे हैं, जिन्हें बच्चे दीपावली पर खरीदते हैं.

काली पूजा की भी है तैयारी

काली पूजा को लेकर सम्बन्धित मंदिरों में तैयारी तेज हो गई है. पूजा समितियों की बैठकें हो रही हैं जिसमें आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है. याद रहे कि दीपावली की देर रात मां काली की आराधना की जाती है. शहर सहित जिले में कई जगह मां काली की प्रतिमा निर्माण कर पूजन अनुष्ठान किया जाता है जबकि सिटी कालीबाड़ी और गुप्त कालीबाड़ी कसबा में पूजन का वृहत आयोजन होता है. इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. कई जगह कमेटी द्वारा बैठक कर तैयारियां तेज कर दी गई है.

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