पूर्णिया जिले में नदियों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. संभावित बाढ़ आपदा से निपटने और राहत-बचाव कार्यों को पुख्ता करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) प्रणव कुमार ने बायसी स्थित डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स फैसिलिटी-कम-ट्रेनिंग सेंटर का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान राहत और बचाव के लिए तैनात एसडीआरएफ की टीम जीवनरक्षक आधुनिक संसाधनों के साथ अलर्ट मोड पर पाई गई, जिसे किसी भी आकस्मिक सूचना पर चंद मिनटों के भीतर प्रभावित क्षेत्र में रवाना किया जा सकेगा.
बायसी सेंटर पर अत्याधुनिक उपकरणों के साथ एसडीआरएफ मुस्तैद
एडीएमओ प्रणव कुमार ने निरीक्षण के दौरान मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप और अन्य आपातकालीन उपकरणों की बारीकी से जांच की. उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए. आपदा की किसी भी कॉल पर बिना समय गंवाए त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि जान-माल के नुकसान को पूरी तरह टाला जा सके.
चार अंचलों में 35 नावों का परिचालन, आवागमन सुलभ
बाढ़ और जलजमाव से घिरे दियारा व ग्रामीण इलाकों के लोगों को सुरक्षित निकालने और उनके रोजमर्रा के आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 35 नावों को जलमार्ग में उतारा है. इनमें 28 सरकारी और 7 निजी नावें शामिल हैं. प्रखंडवार तैनाती के तहत सबसे अधिक प्रभावित रूपौली में 15 नावें, अमौर में 11 नावें, बैसा में 7 नावें और बायसी अंचल में 2 नावें लगातार फेरे लगा रही हैं.
118 क्विंटल सूखा पशुचारा वितरित, सोहरा दियारा में बने अस्थायी शौचालय
मानवीय राहत के साथ-साथ मवेशियों के जीवन की रक्षा के लिए भी प्रशासन ने कदम उठाए हैं. रूपौली प्रखंड के गंभीर जलभराव वाले गांवों में पशुपालकों की मदद के लिए अब तक 118 क्विंटल सूखा पशुचारा वितरित किया जा चुका है. इसके अलावा विस्थापित परिवारों और प्रभावित ग्रामीणों की सुविधा व स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सोहरा दियारा क्षेत्र में दो चलंत अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है.
अंचल अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी का आदेश, हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने रूपौली, बायसी, अमौर और बैसा के सभी अंचलाधिकारियों व प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप करने और मुख्यालय न छोड़ने का सख्त आदेश दिया है. आम नागरिकों की सुविधा और किसी भी आकस्मिक मदद के लिए प्रशासन ने तीन आधिकारिक फोन नंबर जारी किए हैं. आपात स्थिति में 06454-242317, 06454-242319 अथवा 06454-242320 पर कॉल कर तत्काल सहायता मांगी जा सकती है.
