जल-जीवन-हरियाली दिवस पर हुई परिचर्चा

जल-जीवन-हरियाली दिवस

पूर्णिया. जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर ‘नये जल स्रोतों का सृजन’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन मंगलवार को डीआरडीए सभागार में किया गया. यह कार्यक्रम मत्स्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन जिला मत्स्य पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा किया गया. इसकी अध्यक्षता उप विकास आयुक्त ने की. कार्यक्रम के दौरान नये जल स्रोतों के सृजन, जल संरक्षण एवं सतत मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई. उप विकास आयुक्त, पूर्णिया ने अपने संबोधन में कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है. इसके माध्यम से जल संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने संबंधित विभागों एवं उपस्थित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अधिकाधिक जल स्रोतों के निर्माण एवं संरक्षण की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया.वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मत्स्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा जल स्रोतों के वैज्ञानिक प्रबंधन, मत्स्य उत्पादन वृद्धि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए. पूर्णिया जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा निर्धारित 24 हेक्टेयर के मुकाबले 11.97 हेक्टेयर का लक्ष्य हासिल किया गया.कार्यक्रम में निदेशक डी आर डी ए, जिला स्तरीय पदाधिकारी, तकनीकी पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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