रूपौली, पूर्णिया से विजय कुमार सिंह की रिपोर्ट :
पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड स्थित टीकापट्टी में डिग्री कॉलेज की मांग एक बार फिर तेज हो गयी है. वर्षों से उच्च शिक्षा संस्थान की मांग कर रहे स्थानीय लोग अब आंदोलन की तैयारी में जुट गये हैं. उच्च विद्यालय टीकापट्टी परिसर में आयोजित आपातकालीन बैठक में आंदोलन समिति का गठन किया गया और कॉलेज स्थापना को लेकर रणनीति बनायी गयी. ग्रामीणों और युवाओं ने आरोप लगाया कि सरकारी स्तर पर जमीन की स्वीकृति मिलने के बावजूद कॉलेज का स्थल बदलने की साजिश की जा रही है. इसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.शिक्षा के मुद्दे पर एकजुट हुआ टीकापट्टी
टीकापट्टी क्षेत्र लंबे समय से शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए पहचाना जाता रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां महात्मा गांधी समेत कई नामचीन हस्तियों का प्रवास हो चुका है और यह इलाका शुरू से ही बौद्धिक चेतना का केंद्र रहा है.
इसके बावजूद आज तक यहां डिग्री कॉलेज की स्थापना नहीं हो सकी. ग्रामीणों का कहना है कि उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक और सामाजिक परेशानी बढ़ती है.बैठक में बनी आंदोलन समिति
डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर उच्च विद्यालय टीकापट्टी प्रांगण में आपातकालीन बैठक आयोजित की गयी. बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और युवा शामिल हुए.मौके पर आंदोलन समिति का गठन किया गया और कॉलेज स्थापना को लेकर आगे की रणनीति तैयार की गयी. लोगों ने कहा कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर कॉलेज निर्माण शुरू होना चाहिए.
स्थल परिवर्तन की साजिश का आरोप
बैठक में मौजूद लोगों ने दावा किया कि टीकापट्टी में डिग्री कॉलेज स्थापना के लिए सरकारी स्तर पर करीब सात एकड़ जमीन का एनओसी पहले ही मिल चुका है. इसके बावजूद कॉलेज का स्थल बदलने की कोशिश की जा रही है.
स्थानीय युवाओं ने इसे क्षेत्र के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि यदि जल्द कॉलेज स्थापना की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जाएगा.युवाओं में बढ़ रहा आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अभाव में इलाके के छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. खासकर गरीब परिवारों के छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है.लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि टीकापट्टी में ही डिग्री कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित की जाए ताकि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके.
