दिनभर गुल रही सिविल सर्जन कार्यालय की बिजली, बैरंग लौटे काम से आये लोग

बैरंग लौटे काम से आये लोग

इस सवाल को लेकर जीएमसीएच में रहा चर्चा का विषय बत्ती गुल होने से दिनभर ठप रहा कामकाज

पूर्णिया. पूरे जिले की जनता का स्वास्थ्य ठीक रखने वाला विभाग, बिजली के अभाव में दिनभर बीमार पड़ा रहा. गुरुवार को बिजली नहीं रहने से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिसर में स्थित सिविल सर्जन कार्यालय का सारा कामकाज ठप पड़ गया. यहां तक कि कार्यालय का कोई कंप्यूटर ऑन भी नहीं किया जा सका और कर्मियों की उपस्थिति भी दर्ज नहीं हो पायी. इस बीच सभी कर्मी अंधेरा और गर्मी से परेशान रहे और कार्य बाधित रहा. हालांकि सिविल सर्जन कार्यालय के आसपास ही संचालित एक्सरे, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर आदि स्थानों में बिजली की आपूर्ति जारी रही, सिर्फ सिविल सर्जन कार्यालय में दिनभर बत्ती गुल रही. इस वजह से उक्त कार्यालय अंतर्गत एसीएमओ, फाइलेरिया, एनसीडी, फ़ूड ऑफिस, ड्रग ऑफिस आदि कार्यालयों में भी बिजली के नहीं रहने से कामकाज प्रभावित हुआ. बिजली नहीं रहने का खामियाजा मेडिकल, ड्रग लाइसेंस एवं अन्य प्रमाणपत्र लेने आये लोगों को भी भुगतना पड़ा जबकि सभी प्रकार के ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्य के बंद रहने से विभिन्न प्रखंडों में स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों से काम के सिलसिले में आये लोगों को बैरंग वापस लौटना पडा.

सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कनौजिया ने बताया कि पॉवर कट को लेकर उनके द्वारा विद्युत विभाग को सूचना दे दी गयी है. बिजली विभाग के कर्मी आकर इसकी जांच करेंगे. इधर सिविल सर्जन कार्यालय में पॉवर कट को लेकर विद्युत विभाग लाइन बाजार एरिया के जेई ने बताया कि राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के अन्दर बिजली कंपनी की ओर से पावर कट नहीं की गयी है. हो सकता है जीएमसीएच के अन्दर कुछ उनका अपना टेक्निकल इश्यू हो.

बिजली कट के पीछे तरह-तरह की चर्चा

सिविल सर्जन कार्यालय में बिजली कट किये जाने के पीछे कुछ लोग दबी जुबान में इसे सीएस कार्यालय एवं जीएमसीएच प्रबंधन के बीच आपसी तनातनी की बात बता रहे हैं. लोगों का कहना है कि जीएमसीएच कैम्पस स्थित जिस ट्रांसफॉर्मर से सभी स्थानों पर बिजली की सप्लाई की गयी है, उसी से सिर्फ सीएस कार्यालय के सप्लाई को जान बूझकर कट कर दिया गया है. लोगों में यह भी चर्चा है कि मेडिकल कॉलेज कैम्पस में उक्त कार्यालय को लेकर अधिकारियों के बीच अंदर ही अंदर द्वंद चल रहा है. जीएमसीएच उक्त स्थल को खाली कराना चाह रहा है जबकि सदर अस्पताल को ही अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाया गया है. दूसरी ओर जिले में सदर अस्पताल के लिए अभी तक कोई दूसरी जगह उपलब्ध नहीं करायी गयी है. हालांकि कोई भी इस मामले में खुलकर सामने नहीं आ रहा लेकिन यह सवाल अपने आप में लाजिमी है कि जब मेडिकल कॉलेज में सभी स्थानों पर बिजली बहाल है तो सिर्फ सिविल सर्जन कार्यालय में ही बिजली कट क्यों है.

अबतक नहीं की गयी वैकल्पिक व्यवस्था

वहीं दूसरी ओर सरकारी कामकाज के निर्बाध संचालन के लिए विभाग द्वारा बिजली आपूर्ति हेतु किसी भी प्रकार की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गयी फलस्वरूप जितने भी लोग सिविल सर्जन कार्यालय से संबंधित अपना काम लेकर आये थे उन सभी को बगैर काम कराए वापस लौटना पडा.

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Author: SATYENDRA SINHA

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