नियमों को ताक पर रख योजनाओं को पूरा नहीं करने वाले संवेदकों पर गिरेगी गाज
ब्लैकलिस्टेड किए जाने की तैयारी, पांच संवेदक को डिबार, 11 को भेजी गई है नोटिस
पूर्णिया. विकास कार्यों में लापरवाही बरतने और नियमों की अनदेखी मामले में पूर्णिया नगर निगम अब एक्शन में दिखने लगा है. निगम से जुड़े उन तमाम संवेदकों पर गाज गिरने वाली है जो नियमों को ताक पर रख कर शहर के विकास कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं. ऐसे तमाम संवेदकों को ब्लैकलिस्टेड किए जाने की तैयारी है. फिलहाल चिह्नित 11 संवेदकों को जहां नोटिस भेजी गई है वहीं तय समय सीमा के अंदर एग्रीमेंट तय समय सीमा के भीतर एकरारनामा (एग्रीमेंट) नहीं करने वाले 5 संवेदकों को दो साल के लिए डिबार यानी दो साल के लिए होल्ड करने की कार्रवाई की गई है. यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. निगम की इस सख्त कार्रवाई से ठेकेदारों के बीच हड़कंप है.दो साल तक किसी टेंडर में नहीं ले सकेंगे हिस्सा
नगर निगम प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, जिन 5 संवेदकों को डिबार किया गया है, उन्होंने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तय समय पर विभागीय एकरारनामा नहीं किया. इसके चलते कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं. अब कार्रवाई के तहत इन सभी 5 संवेदकों को होल्ड पर डाल दिया गया है. यह संवेदक अगले दो वर्षों तक नगर निगम की किसी भी नई निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगे.डमी संवेदकों पर भी कसा शिकंजा
निगम क्षेत्र में अक्सर यह शिकायत मिल रही थी कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तय समय के बाद भी कार्य नहीं करने वाले 11 संवेदकों पर भी करवाई हुई है. इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है. ऐसे 11 संवेदकों को चिह्नित कर नोटिस थमायी गयी है, निगम ने इनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए. इधर, इस कार्रवाई के बाद नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि पेंडिंग पड़े विकास कार्यों को जल्द से जल्द नए सिरे से अलॉट कर पूरा कराया जाएगा, ताकि आम जनता को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.कहते हैं नगर आयुक्त
नगर निगम क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी भी तरह की कोताही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो संवेदक समय पर एग्रीमेंट नहीं करेंगे, एग्रीमेंट के बावजूद समय पर कार्य नहीं करेंगे या टेंडर लेकर डमी के भरोसे काम छोड़ देंगे, उन पर आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी. गुणवत्ता और समय सीमा ही हमारी प्राथमिकता है.कुमार मंगलम, नगर आयुक्त पुर्णिया
