पूर्णिया. केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाये जाने के विरोध में कांग्रेस ने रविवार को जन आक्रोश मार्च किया. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बिजेंन्द्र यादव की अगुवाई में गोकुल कृष्ण आश्रम से निकाला गया आक्रोश मार्च शहर के प्रमुख मार्गो से गुजरते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी के कार्यालय तक पहुंचा. मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाजपा सरकार हाय-हाय और केंद्र सरकार इस्तीफा दो आदि नारे लगाये जा रहे थे. पार्टी के जिला अध्यक्ष बिजेंन्द्र यादव ने कहा कि मनरेगा एक क्रांतिकारी कदम था. इसका फायदा करोड़ों ग्रामीण व गरीब परिवारों को मिलता था. इससे लोगों को रोजगार गारंटी कानून का हक दिया गया था. ग्राम पंचायत को ताकत मिली थी लेकिन मोदी सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चलाकर ना सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया बल्कि मनरेगा का स्वरूप मनमाने ढंग से बदल दिया. मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर कर देश के करोड़ों किसान श्रमिक और गरीबों के हित पर हमला किया. बीस साल पहले अपने गरीब भाई-बहन को रोजगार का अधिकार दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने लड़ाई लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. कोविड के समय यह योजना मील का पत्थर साबित हुई थी. अब , 40% राज्य सरकार 60% केंद्र सरकार देगी. पहले 90% केंद्र सरकार और 10% राज्य सरकार देती थी. इतना ही नहीं रोजगार गारंटी का नाम बदलकर विकसित भारत रोजगार आजीविका रोजगार गारंटी रखा गया. इस मौके पर नेता दीपक कुमार उरांव, अफरोज खान मोहम्मद आलम, मुकेश कुमार, मोहम्मद मझरूल बारी, दीनदयाल यादव, सज्जन कुमार राम, प्रभात कुमार मंडल, फिरोज आलम, संतोष कुमार, रवि रंजन सिन्हा, त्रिलोकी मेहता, शैलेंद्र कुमार शाह, निरंजन मालाकार इत्यादि मौजूद थे.
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