बाल विवाह एक गंभीर अपराध : एसपी

बाल विवाह के खिलाफ चल रहे सघन अभियान के तहत प्रयास जैक सोसाइटी द्वारा सोमवार को पूर्णिया में बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ किया गया.

बाल विवाह को लेकर लोगों को किया जायेगा जागरूक प्रयास जैक सोसाइटी के बाल विवाह मुक्ति रथ को एसपी ने दिखाई हरी झंडी पूर्णिया. बाल विवाह के खिलाफ चल रहे सघन अभियान के तहत प्रयास जैक सोसाइटी द्वारा सोमवार को पूर्णिया में बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ किया गया. रथ को एसपी स्वीटी सहरावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह रथ अगले 30 दिनों तक जिले भर में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानून की जानकारी आमजन तक पहुंचायेगा. यह रथ जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से संचालित 100 दिवसीय सघन बाल विवाह उन्मूलन अभियान का हिस्सा है, इसके अंतर्गत समुदाय स्तर पर जागरूकता, समय पर पहचान और रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. रथ को रवाना करते हुए एसपी स्वीटी सेहरावत ने बताया कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है. लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष तय है. इससे कम उम्र में विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय भी है. पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में सख़्त कार्रवाई करेगा और आमजन से सहयोग की अपेक्षा करता है. बाल विवाह मुक्ति रथ के माध्यम से जनसंवाद, पंचायत स्तर की बैठकों और जागरूकता सामग्री के ज़रिये यह संदेश दिया जायेगा कि किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. प्रयास जैक सोसाइटी के जिला परियोजना समन्वयक उमेश कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयों के साथ मिलकर संभावित बाल विवाह को समय रहते रोका जाएगा, ताकि पूर्णिया जिले को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके.

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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