भीमा-कोरे गांव युद्ध की याद में मना शौर्य विजय दिवस

आंबेडकर सेवा सदन के सभागार में

पूर्णिया. आंबेडकर सेवा सदन के सभागार में भीमा कोरे गांव शौर्य दिवस मनाया गया. शौर्य दिवस की अध्यक्षता सदन के संस्थापक शंभू प्रसाद दास ने की. अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री दास ने कहा कि 01 जनवरी 1818 को मात्र 500 महार सैनिकों ने अत्याचारी, जातिवादी, सामंती व्यवस्था वाले शासक बाजीराव पेशवा को धूल चटाते हुए 28000 पेशवाई सैनिकों का वध किया था. तबसे हम बहुजन समाज यह शौर्य दिवस हर वर्ष 01 जनवरी को मनाते आ रहे हैं. माले नेता इस्लामुद्दीन ने कहा कि 01 जनवरी 1927 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भीमा कोरे गांव में जाकर वीर सैनिकों के इस पराक्रम को समारोह पूर्वक याद किया था. हर नये वर्ष के प्रथम दिन को करोड़ों बहुजन भीमा कोरे गांव जाकर उन वीर सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं. भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष उमेश प्रसाद यादव ने कहा कि 1 जनवरी शौर्य दिवस सभी बहुजन समुदाय को सिर उठा कर जीवन जीने की प्रेरणा देता है. गलत को सहना नहीं है, उसका प्रतिकार किया जाना है, यह भीमा कोरे गांव से सीख मिलती है. मौके पर जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ प्रदीप पासवान, जिला अध्यक्ष भारत मुक्ति मोर्चा पूर्णिया उमेश प्रसाद यादव, सदानंद पासवान, शिवजी राम, नागेश्वर रविदास, नीपू पासवान महासचिव आंबेडकर सेवा सदन, उपस्थित थे. जिला प्रधान महासचिव ने सभी मूल निवासी को इस ऐतिहासिक शौर्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी.

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