Purnia News: पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में स्थित निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक में मंगलवार को एक मजदूर का शव फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई. मृतक की पहचान झारखंड के पलामू जिले के नावाबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत पतरिया गांव निवासी 29 वर्षीय मनोज भुइयां के रूप में हुई है. वह पिछले लगभग छह महीनों से प्रसाद कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ मजदूरी कर रहा था. पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया.
यह घटना केवल एक संदिग्ध मौत का मामला नहीं, बल्कि निर्माणाधीन सरकारी परियोजनाओं में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, कार्य व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रही है. सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिस समय अन्य मजदूर भवन की छत पर काम कर रहे थे, उस समय मनोज अकेले भवन के भीतर सफाई का काम क्यों कर रहा था.
निर्माणाधीन भवन में फंदे से लटका मिला शव
जानकारी के अनुसार निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक परिसर में बने टीन के अस्थायी क्वार्टर में लोहे के पाइप के सहारे गमछे से लटका हुआ मनोज का शव मिला. घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और अन्य मजदूरों ने तुरंत स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दी.
मृतक की भाभी श्रीपति देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8 बजे सभी मजदूरों ने एक साथ भोजन किया था और उसके बाद अपने-अपने कार्यस्थल पर चले गए. मनोज को भवन के भीतर सफाई का काम दिया गया था, जबकि अन्य मजदूर छत पर ईंट ढलाई के कार्य में लगे हुए थे. दोपहर में जब सभी मजदूर भोजन के लिए लौटे, तब पास के एक खाली क्वार्टर में उसका शव फंदे से लटका मिला.
केवल मनोज को भीतर का काम क्यों दिया गया
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अन्य मजदूर जहां सामूहिक रूप से बाहर कार्य कर रहे थे, वहीं मनोज को अकेले भवन के भीतर सफाई का कार्य क्यों सौंपा गया था. इसी कारण मामला और अधिक संदिग्ध माना जा रहा है.
प्रसाद कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर अजय कुमार ने बताया कि कंपनी में लगभग 60 मजदूर कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे. उनके अनुसार मजदूरों की उपस्थिति ठेका और दिहाड़ी व्यवस्था के आधार पर अलग-अलग तरीके से दर्ज की जाती है.
पुलिस और FSL टीम ने शुरू की जांच
बनमनखी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम को भी बुलाया. टीम ने घटनास्थल से गमछा और अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए हैं. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया गया है.
परिवार की जिम्मेदारी उठाने वाला सबसे छोटा बेटा था मनोज
परिजनों के अनुसार मनोज तीन भाइयों में सबसे छोटा था. करीब 15 वर्ष पहले उसके पिता की मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा उसी के कंधों पर आ गया था.
बेहतर आजीविका की तलाश में वह झारखंड से पूर्णिया आकर मजदूरी कर रहा था. उसकी असामयिक और संदिग्ध मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और साथ काम करने वाले मजदूर भी घटना से स्तब्ध हैं.
Purnia News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य संभावित कारणों सहित सभी कोणों से जांच कर रही है. एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मनोज भुइयां की मौत किन परिस्थितियों में हुई.
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