Atharva Sinha: पूर्णिया की धरती ने एक बार फिर देश के शैक्षणिक मानचित्र पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. शहर के मूल निवासी और होनहार छात्र अथर्व सिन्हा का चयन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के लिए हुआ है. जेईई एडवांस्ड का परीक्षा परिणाम आते ही अथर्व के घर में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. अथर्व ने अखिल भारतीय स्तर पर 633वीं रैंक (AIR-633) हासिल कर अपनी मेधा का परचम लहराया है. हालांकि अथर्व ने अपनी स्कूली शिक्षा और कोचिंग की तैयारी बेंगलुरु से पूरी की है, लेकिन उनकी इस बड़ी सफलता से उनके पैतृक जिला पूर्णिया में जश्न का माहौल है.
शिक्षा जगत से जुड़ा है परिवार, माता-पिता की प्रेरणा से मिली सफलता
अथर्व की इस शानदार कामयाबी और उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि की मुख्य कड़ियां निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझी जा सकती हैं:
- माता-पिता का मार्गदर्शन: अथर्व के पिता रोहित सिन्हा और माता रुचि सिन्हा दोनों ही शिक्षा जगत से गहराई से जुड़े हुए हैं. उनकी माता रुचि सिन्हा वर्तमान में पूर्णिया के सुप्रसिद्ध ‘बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल’ (Birla Open Minds International School) की प्रिंसिपल (प्राचार्या) हैं. माता-पिता के शैक्षणिक माहौल और सही मार्गदर्शन ने अथर्व को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
- अथर्व का सफलता मंत्र: अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए अथर्व सिन्हा ने बताया कि जेईई (JEE) जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक करने के लिए किसी भी छात्र को अत्यधिक मानसिक तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है. यदि प्रतिदिन नियमित रूप से, अनुशासन के साथ और एक सटीक योजनाबद्ध रणनीति (Planned Strategy) बनाकर पढ़ाई की जाए, तो देश की किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है.
दादा वरिष्ठ एडवोकेट अमर सिन्हा को मिली दोहरी खुशी, नाती भी चमका
गौरव का क्षण: अथर्व की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके दादा और पूर्णिया के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित आयकर अधिवक्ता (Senior Income Tax Advocate) अमर सिन्हा फूले नहीं समा रहे हैं. अधिवक्ता अमर सिन्हा के लिए यह मौका दोहरी खुशी का पैगाम लेकर आया है. दरअसल, उनके पोते अथर्व सिन्हा के साथ-साथ उनके नाती (बेटी के पुत्र) आर्यमन ने भी इसी जेईई एडवांस्ड परीक्षा में अत्यंत शानदार प्रदर्शन कर आईआईटी के लिए क्वालिफाई किया है. एक साथ घर के दो चिरागों के आईआईटी में चयन होने से पूरे कुटुंब और समाज में गौरव का माहौल है.
आईआईटी गुवाहाटी या हैदराबाद में कंप्यूटर साइंस का विकल्प
भविष्य की राह:
जेईई एडवांस्ड में 633वीं रैंक होने के कारण अथर्व को देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में शुमार आईआईटी गुवाहाटी (IIT Guwahati) और आईआईटी हैदराबाद (IIT Hyderabad) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सबसे डिमांडिंग ब्रांच ‘कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग’ (CSE) में नामांकन का बेहतरीन विकल्प मिला है. अथर्व आगे चलकर कंप्यूटर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ही रिसर्च और देश के लिए कुछ बड़ा करने की इच्छा रखते हैं.
सफलता की खबर मिलते ही पूर्णिया के विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, मारवाड़ी कॉलेज व पूर्णिया विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और बिरला ओपन माइंड स्कूल के प्रबंधन तंत्र ने अधिवक्ता अमर सिन्हा के आवास पर पहुंचकर अथर्व और आर्यमन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पूरे परिवार को मिठाई खिलाई और बधाई दी.
