पूर्णिया: पूर्णिया जिले के कसबा प्रखंड अंतर्गत जियनगंज गांव में आंध्र प्रदेश की एक फैक्ट्री से बीमार होकर लौटे मजदूरों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पटना के आईजीएमएस में इलाजरत एक और मजदूर की शुक्रवार को मौत हो गई. इसके साथ ही इस मामले में जान गंवाने वाले मजदूरों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. गांव में शोक का माहौल है.
पत्थर घिसाई का काम करते थे मजदूर
जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पहले जियनगंज और आसपास के गांवों से दर्जनों मजदूरों को गांव के ही एक ठेकेदार के माध्यम से आंध्र प्रदेश भेजा गया था. वहां एक फैक्ट्री में उनसे पत्थर की घिसाई और टैल्कम पाउडर बनाने का काम कराया जाता था. परिजनों का आरोप है कि मजदूरों को बिना मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम कराया गया, जिससे पत्थर की महीन धूल उनके फेफड़ों में जमा हो गई.
डेढ़ माह में छह मजदूरों की गई जान
डॉक्टरों के अनुसार फेफड़ों में धूल जमने के कारण मजदूर गंभीर रूप से बीमार हो गए. तबीयत बिगड़ने पर वे गांव लौटे, लेकिन लगातार उनकी मौत होती रही. शुक्रवार को जियनगंज निवासी लालू ऋषि के पुत्र सरवन कुमार ने पटना के आईजीएमएस में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया.
ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव में ठेकेदार के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का आरोप है कि कमीशन के लालच में युवाओं को बिना सुरक्षा वाले कार्यस्थल पर भेजा गया. घटना के बाद से आरोपी ठेकेदार फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
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