यात्रियों के लिए सुगम यातायात का केंद्र बना पूर्णिया एयरपोर्ट
भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से पूर्णिया का यह हवाई अड्डा पूरे सीमांचल, कोसी और पड़ोसी राज्यों के लिए वरदान साबित हो रहा है. सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) और नेपाल के तराई इलाकों के नजदीक होने के कारण यहाँ से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को बेहद सुगम और किफायती यातायात व्यवस्था मिल रही है. हवाई मार्ग से जुड़ने के बाद इस क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को एक नई रफ्तार मिली है, जिससे हर वर्ग के लोग इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं.
24 घंटे में 1047 यात्रियों का आवागमन, विमानों ने भरी 10 उड़ानें
पूर्णिया एयरपोर्ट से हाल ही में जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 20.05.2026 को इस हवाई अड्डे से यात्रा करने वाले कुल यात्रियों की संख्या 1,047 दर्ज की गई. आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण इस प्रकार है:
- आगमन (अराइवल): विभिन्न शहरों से पूर्णिया पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या 588 रही.
- प्रस्थान (डिपार्टमेंट): पूर्णिया से अन्य गंतव्यों के लिए उड़ान भरने वाले यात्रियों की संख्या 459 दर्ज की गई.
- विमानों का परिचालन: इस दौरान कुल 05 विमानों का आगमन और 05 विमानों का प्रस्थान हुआ, यानी कुल 10 विमानों की आवाजाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई.
लोकार्पण के बाद से उड़ानों की संख्या में लगातार हो रहा विस्तार
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते वर्ष 15 सितंबर को पूर्णिया एयरपोर्ट का ऐतिहासिक लोकार्पण किया था. उद्घाटन के बाद से ही इस रूट पर यात्रियों की भारी मांग देखी जा रही है. एयरपोर्ट अथॉरिटी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा यात्रियों की बढ़ती संख्या और स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लगातार नई उड़ानें (फ्लाइट्स) निर्धारित की जा रही हैं. स्थानीय व्यवसायियों और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि पूर्णिया एयरपोर्ट ने पूरे उत्तर-पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल दी है. आने वाले दिनों में यहाँ से कुछ अन्य प्रमुख महानगरों के लिए भी सीधी हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों का ग्राफ और तेजी से ऊपर जाएगा.
पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट:
