-एडीएम बोले- अनुपस्थित शिकायतकर्ता पूर्णिया आकर बयान दर्ज करा लें प्रतिनिधि, कसबा. सीओ पर लगाये गये आरोपों की जांच एडीएम रवि राकेश ने गुरुवार को की. इस दौरान शिकायतकर्ताओं में शामिल उपप्रमुख बिंदेश्वरी उरावं और मोहनी मुखिया श्यामसुंदर उरावं ने एडीएम के समक्ष अपनी बात रखीं. शिकायतकर्ताओं में शामिल कसबा प्रखंड प्रमुख तरन्नुम जहां, कसबा नगर परिषद के मुख्य पार्षद कुमारी छाया, कुल्लखास के पैक्स चेयरमैन राजेश ठाकुर, लखना मुखिया मो अनवर, सबदलपुर मुखिया समीना खातून इस दौरान अनुपस्थित रहे. इधर, एडीएम रवि राकेश ने बताया कि जो जनप्रतिनिधि जांच के दौरान अनुपस्थित थे, वे जनप्रतिनिधि पूर्णिया कार्यालय पहुंच कर अपने अपने बयान दर्ज करवा लें. ताकि जांच की सही पुष्टि हो सके. गौरतलब है कि बीते 28 जनवरी को कसबा सीओ के खिलाफ इन जनप्रतिनिधियों ने एक लिखित शिकायत भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री एवं जिला प्रशासन से की थी. इस पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने एडीएम को जांच के निर्देश दिए. जांच को पहुंचे एडीएम ने रैयत धारियों से दाखिल खारिज व परिमार्जन के साथ साथ अन्य शिकायत भी सुनी. सभी रैयतधारियों से आवेदन लेकर रैयतों को आश्वस्त किया कि जो भी रैयत धारियों की शिकायत मिली है. उसका निराकरण जल्द हो जायेगा. पूर्व प्रमुख व विधायक समर्थकों में हुई नोकझोंक गुरुवार को एडीएम रवि राकेश की जांच के दौरान प्रखंड कार्यालय परिसर में मौजूद पूर्व प्रमुख मो इरफान व उनके समर्थक तथा कसबा विधायक के समर्थकों में नोकझोंक हो गयी. मौजा सरोचिया की एक जमीन को लेकर कसबा के विधायक प्रतिनिधि मो यासिन, पूर्व मुखिया मो एजाज, पूर्व मुखिया मो अयूब, समिति सदस्य प्रतिनिधि शम्स तबरेज तथा ग्रामीण एक लिखित आवेदन लेकर एडीएम से मिलने पहुंचे थे. इसी क्रम में पूर्व प्रमुख मो इरफान समेत उनके समर्थक से तू-तू मै हो गई. सीओ बोलीं मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप मनगढ़ंत तथा बेबुनियाद है. उन्होंने बताया कि मौजा सरोचिया की एक जमीन को लेकर मेरे ऊपर इन जनप्रतिनिधियों के द्वारा मनगढ़ंत आरोप लगाया जा रहा है. -रीता कुमारी, सीओ
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