पूर्णिया : खास महाल की जमीन को गैर कानूनी तरीके से एग्रीमेंट के माध्यम से बिक्री किये जाने के आरोप में शहर के दो बड़े भूधारी रमेश चन्द्र अग्रवाल व राजेन्द्र कुमार पर स्थानीय सहायक खजांची हाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
यह प्राथमिकी खास महाल प्रभारी पदाधिकारी शाहजहां के आवेदन पर दर्ज की गयी है. दर्ज प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि सदर अनुमंडल पदाधिकारी से प्राप्त पत्र के अनुसार, मौजा मधुबनी,थाना नं 123/2, तौजी नंबर 201, पुराना वार्ड 8, नया वार्ड नंबर 14, हाल वार्ड नंबर 19, एमएस खाता नंबर 704, एसएस खेसरा नंबर 226/1339 रकबा तीन कठ्ठा जमीन रमेश चन्द्र अग्रवाल आरएनसाव चौक के पूरब गुरूद्वारा रोड के पास एवं राजेन्द्र कुमार द्वारा बिहार सरकार खास महाल की भूमि को गैर कानूनी तरीके से एग्रीमेंट के माध्यम से बिक्री किया गया है. इस संबंध में सरकारी अधिवक्ता से विधि परामर्श प्राप्त किया गया.
उनके द्वारा संबंधित भूमि का स्वरूप बदलने/ बिक्री करने वाले के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का परामर्श दिया गया है. सरकारी अधिवक्ता से प्राप्त विधि परामर्श एवं अनुमंडल पदाधिकारी से प्राप्त पत्र के आलोक में निदेशानुसार रमेश चन्द्र अग्रवाल व राजेन्द्र कुमार के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाये.
सामाजिक व आरटीआइ कार्यकर्ता ने की थी शिकायत
दरअसल, सामाजिक एवं आरटीआइ कार्यकर्ता अखिलेश कुमार ने जिला पदाधिकारी व प्रमंडलीय आयुक्त पूर्णिया को आवेदन सौंपकर शहर के वार्ड नंबर 13,14,एवं 22 में बिना नक्शा पास कराये खास महल की जमीन पर अवैध निर्माण कार्य कराने का मामला उजागर किया था.
आयुक्त पूर्णिया प्रमंडल के निर्देश पर आयुक्त के सचिव ने जिलाधिकारी पूर्णिया को अखिलेश कुमार के आवेदन पत्र के वर्णित बिन्दुओं की सम्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.
अपर समाहर्ता पूर्णिया के निर्देश पर सदर एसडीओ ने वाद संख्या 753M/2019 धारा 144 (दं.प्र.सं.)बिहार सरकार बनाम रमेश अग्रवाल के नाम दर्ज कर सरकारी अधिवक्ता से अपना पक्ष प्रस्तुत करने का नोटिस जारी की. विधिवत सुनवाई बाद एसडीओ ने आवश्यक कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी.
इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना ने परिवादी उमाकांत राय के परिवाद पत्र के आलोक में संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को पत्र निर्गत कर सीडब्लूजेसी नंबर 11713/1999 एवं सीडब्लूजेसी नंबर 14005/2002 रमेश चंद्र अग्रवाल बनाम खास महाल बिहार, सरकार के पक्ष में पारित आदेश के विरुद्ध अग्रवाल द्वारा खास महाल जमीन की बिक्री करने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही थी.
खरीदी गयी जमीन का रैयत हैं, आरोप निराधार : रमेश अग्रवाल
इस संबंध में रमेश अग्रवाल का कहना है कि खासमहाल की सारी जमीन बनेली इस्टेट की थी. बनेली इस्टेट से ली गयी जमीन में बहुत से रैयत पहले से थे और वे लोग बनेली इस्टेट को रेंट दिया करते थे. 1738 बीघा कुछ कट्टा जमीन बनेली इस्टेट ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सेटे्लमेंट किया. इस्ट इंडिया कंपनी जब जाने लगी तो वो सभी जमीन ब्रिटिश सरकार को सुपुर्द कर दिया जो बाद में खासमहाल के नाम से जाना जाने लगा.
श्री अग्रवाल का कहना है कि इस्ट इंडिया कंपनी के पहले से कुछ अंग्रेज लोग बनेली इस्टेट से उक्त 1738 बीघा जमीन में से बंदोवस्त लिये थे और बनैली इस्टेट को लगान देते थे. बाद में वे लोग इस्ट इंडिया कंपनी और उसके बाद खासमहाल को लगान देने लगे. श्री अग्रवाल का कहना है कि उनकी परदादी स्व. कुनेन देवी ने उस अंग्रेज से बंदोवस्त लिया था. बाद में उनकी परदादी के नाम सारी जमीन के नाम से खतियान बना.
उनलोगों की मृत्यु के बाद केनुन देवी के पौत्र ने उक्त जमीन का दाखिल खारिज के लिए आवेदन दिया जिसका नामांतरण खासमाहल की जमावंदी पंजी में अंकित है. जमावंदी के रजिस्टर से यह स्पष्ट होजाता है कि रमेश चन्द्र के पिता राम नारायण चन्द्र और चाचा कृष्ण चन्द्र स्व. कुनेन देवी द्वारा खरीदी गयी जमीन का रैयत है.श्री अग्रवाल ने आरोप को पूरी तरह निराधार बताया है.
