पूर्णिया : भीषण गर्मी में जलमीनार के दगा दे जाने से खुश्कीबाग में कुछ घंटों तक पानी के लिए हाहाकार मचा रहा. लोग प्यास से छटपटाते रहे और घरों का किचन में कामकाज ठप रहा. बाद में नगर निगम ने जल संकट से परेशान हाल खुश्कीबाग के वाशिन्दों की प्यास बुझायी और उनकी पानी की जरूरत पूरी की. बुधवार को महानगरों की तर्ज पर नगर निगम ने टैंकरों में पानी भर कर खुश्कीबाग में घर-घर पहुंचाया.
सुबह से खुश्कीबाग में पानी के लिए मचा रहा हाहाकार, दोपहर में जागा निगम, हुई व्यवस्था
पूर्णिया : भीषण गर्मी में जलमीनार के दगा दे जाने से खुश्कीबाग में कुछ घंटों तक पानी के लिए हाहाकार मचा रहा. लोग प्यास से छटपटाते रहे और घरों का किचन में कामकाज ठप रहा. बाद में नगर निगम ने जल संकट से परेशान हाल खुश्कीबाग के वाशिन्दों की प्यास बुझायी और उनकी पानी की […]

बड़ी संख्या में लोगों ने कतार में खड़ा होकर टैंकरों से पानी प्राप्त किया और अपने-अपने घर ले गये. बुधवार को खुश्कीबाग में पानी के लिए दिन भर अफरा-तफरी का माहौल रहा. अपराह्न तक नगर निगम की ओर से साढ़े चार हजार लीटर पानी का वितरण किया गया जबकि यह समस्या अभी और गहराने की आशंका है.
दरअसल, खुश्कीबाग में स्टेशन रोड स्थित पीएचइडी द्वारा दशकों पहले निर्मित जलमीनार हाथी का दांत साबित हो रहा है. हालांकि इसके जरिये खुश्कीबाग के सुभाषनगर, स्टेशन रोड, मिलन पाड़ा, नया टोला आदि के करीब ढाई सौ घरों में पानी पहुंच रहा था
. बुधवार की सुबह अचानक पानी टंकी का मोटर जल गया जिससे सप्लाई पूरी तरह बंद हो गया. इस जलमीनार की क्षमता 15 हजार लीटर पानी की है. जब तक स्टॉक था तब तक पानी निकला पर बाद में सभी घरों के नल सूख गये.
स्थानीय लोगों ने तुरंत वार्ड पार्षद जानकी देवी और पूर्व पार्षद राजकुमार यादव को इसकी सूचना दी. पार्षद जानकी देवी व राजकुमार यादव ने तुरंत मेयर से संपर्क किया और पानी की त्वरित व्यवस्था का आग्रह किया. मेयर सविता देवी ने इसके लिए तुरंत निर्देश जारी किया और फिर निगम के टैंकर मुख्यालय से पानी लेकर खुश्कीबाग पहुंच गये.
जलमीनार से लौहयुक्त पानी पी रहे थे लोग: खुश्कीबाग के लोग पिछले करीब नौ सालों से लौहयुक्त जल का सेवन कर रहे थे. पूर्व पार्षद राजकुमार यादव ने बताया कि इस जलमीनार में लगा लौह शुद्धिकरण संयंत्र नौ सालों से खराब है. पंप की स्थिति भी पिछले सात दिनों से खराब चल रही थी.
पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग सप्लाई होने वाले दूषित पानी पीकर प्यास बुझा रहे थे. उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखा गया पर रखरखाव की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जा सकी. श्री यादव की शिकायत है कि जलमीनार के वाटर टैंक की सफाई वर्षों से नहीं हुई है जिससे उसमें काफी गंदगी भरी पड़ी है.
इसके साथ ही जलमीनार की जहां बोरिंग है वह कच्चा है और उसकी घेराबंदी भी नहीं की गयी है जिससे वहां जानवरों का जमघट लगा रहता है जिससे गंदगी फैलती है.
खुश्कीबाग में जलसंकट से फिलहाल राहत के आसार नहीं
खुश्कीबाग में जलसंकट से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं है. बुधवार को लोग पानी के लिए दिन भर परेशान रहे पर जलमीनार की तकनीकी गड़बड़ी ठीक करने की कोई पहल नहीं हो सकी. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूरी व्यवस्था दुरुस्त करने में अभी समय लगेगा.
एक दो दिनों में जलमीनार के चालू होने का भरोसा नहीं है. पूर्व पाषर्द राजकुमार यादव ने बताया कि उन्होंने पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए नगर निगम को अगाह कर दिया है. तत्काल निगम की ओर से टैंकरों के जरिये पानी की जरुरत पूरी की जाएगी.
कहती है पार्षद
विभागीय लापरवाही के चलते एक हफ्ते से पानी का सप्लाई बंद है. हर बार गर्मी पड़ते ही पम्प खराब हो जाता है. गरीब के लिए खरीद कर पानी पीना मुश्किल है. नौ वर्ष से अधिक हो गये, फिल्टर यंत्र खराब पड़ा है. जलमीनार से गन्दा पानी सप्लाई होता है. दूसरी तरफ बिजली विभाग की भी लापरवाही है. बिजली विभाग की उदासीनता के कारण यहां का मोटर जला है. उपर से गुजरे नंगा तार के कारण हुए शार्टसर्किट से मोटर जला है.
जानकी देवी,वार्ड पार्षद