जंतर-मंतर के बाद बिहार बना हॉटस्पॉट : आधी रात को जज के सामने पेशी, 87 प्रदर्शनकारियों को जेल

Patna Student arrests: पटना में 22 और 25 जुलाई को छात्र संगठनों के उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने व्यापक कानूनी कार्रवाई शुरू की है. 24 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें 285 नामजद और करीब छह हजार अज्ञात आरोपित हैं. अब तक 258 गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

Patna Student arrests: बिहार बंद के दौरान शनिवार को हुए हंगामे के दौरान गिरफ्तार किये गये प्रदर्शनकारियों को छज्जू बाग स्थित जजेज आवास लाया गया. छात्रों की संख्या 200 के करीब थी. अंदर में सुनवाई चल रही थी और बाहर बड़ी संख्या में छात्रों के परिजन इंतजार कर रहे थे. खबर है कि सभी छात्रों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 121 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. धारा 109 हत्या का प्रयास से संबंधित है, जबकि धारा 121 किसी लोक सेवक (सरकारी कर्मचारी या पुलिस) को उसके कर्तव्य का पालन करने से रोकने या डराने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाने या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है. अपने बच्चे का बाहर इंतजार कर रही एक महिला ने बताया कि शनिवार से ही मैं परेशान हूं. शनिवार दोपहर दो बजे से मेरे बेटे को गांधी मैदान से उठा लिया गया, जबकि वह किसी प्रदर्शन में शामिल होने नहीं गया था. वह नौकरी की तलाश में पटना सिटी जाने वाला था. शनिवार की दोपहर के बाद से मैंने उसे 100 से अधिक बार फोन किया, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया. काफी कोशिश के बाद पता चला कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मेरा बच्चा 30-32 घंटे से भूखा है.

रात में सबको भेजा गया बेउर जेल

काफी देर के बाद जजेज आवास से बाहर निकले वकीलों ने बताया कि छात्रों को बेल देने से इनकार कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि धारा 109 लगा है, इसलिए बेल नहीं दिया जा सकता. न्यायाधी के सामने सभी 87 छात्रों को प्रोड्यूस किया गया था. दो वकीलों को भी हथकड़ी के साथ पुलिस ने जज के सामने प्रोड्यूस किया था. इसके बाद गांधी मैदान थाना अध्यक्ष समेत एक और पुलिसकर्मी को जज ने शो कॉज किया

मां तुम खाना खायी हो कि नहीं?

कैदी वैन से जब प्रदर्शनकारियों को पुलिस छज्जूबाग लेकर पहुंची तो, वैन के अंदर से ही एक युवक ने अपनी मां को देखा और पूछा कि सुबह से तुमने कुछ खाया है कि नहीं? अरे खा लो कुछ. परेशान मत हो कुछ नहीं होगा?

24 एफआईआर में 258 आरोपित जेल भेजे गये

पटना में 22 और 25 जुलाई को छात्र संगठनों के उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने व्यापक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. अब तक गांधी मैदान, कोतवाली, सचिवालय और पाटलिपुत्र थाना में कुल 24 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं. इन मामलों में 285 नामजद और करीब छह हजार अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है. इनमें से 258 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.

पेशी के बाद सभी आरोपितों को भेजा गया जेल

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हो रही पहचान

पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. नगर एसपी (मध्य) ममता कल्याणी ने बताया कि गांधी मैदान थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर 137 लोगों को जेल भेजा गया है. वहीं कोतवाली थाना में दर्ज मामले में 53 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

30 छात्राओं को निजी मुचलके पर रिहा किया गया

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गयीं 30 छात्राओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया. इसके पहले सचिवालय, पाटलिपुत्र समेत अन्य संबंधित थानों की पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 68 लोगों को गिरफ्तार किया था.

43 पुलिसकर्मी और 500 से अधिक छात्र घायल

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के अलावा करीब छह हजार अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया है. उधर, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प में 43 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. इनमें पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), एसएसपी स्तर के अधिकारी, कई थानाध्यक्ष, सब-इंस्पेक्टर और जवान शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर 500 से अधिक छात्र भी घायल हुए हैं, जिनमें लगभग 100 को गंभीर चोटें आयी हैं. कई छात्रों के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि कई के हाथ-पैर टूटने की जानकारी सामने आयी है.

इसे भी पढ़ें: तेज प्रताप यादव 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजे गये, दंगा भड़काने और प्रदर्शनकारियों को उकसाने का है आरोप


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

विशेषज्ञता

राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है.

पत्रकारिता अनुभव

राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता की शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम, खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >