PM Awas Yojana: बिहार में गरीब और जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए किया जा रहा सर्वे पूरा कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है. सर्वे में कुल एक करोड़ 4 लाख 90 हजार 743 आवेदकों के आवेदन आए हैं. केंद्र सरकार को फाइनल लिस्ट भेज दी गई है. एक करोड़ 4 लाख में लगभग 40 लाख आवेदनों के छंटने के आसार हैं. राज्य में लगभग 60 लाख जरूरतमंदों और गरीब को आवास मिलेंगे.
लिस्ट में नहीं जुटेगा नया नाम
केंद्र सरकार अब बिहार सरकार की ओर से भेजी गई लिस्ट को एआई से फिर से चेक करेगी. इसमें भी कुछ आवेदनों के छंटने की संभावना है. अब नया नाम इसमें नहीं जुट सकेगा. केंद्र सरकार की ओर से बिहार को फाइनल लिस्ट भेजने के बाद ग्राम सभा होगी. ग्राम सभा में अगर आवेदक अयोग्य पाये जायेंगे तो, उनका दावा निरस्त कर दिया जाएगा. ग्राम सभा में भी केवल छंटनी ही होगी, यहां नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा.
40 लाख आवेदनों की हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, राज्यभर में संदिग्ध पाए गए 40 लाख आवेदनों की जांच कराई गई. इस जांच में भी गड़बड़ी की संभावना है. औरंगाबाद में 229104, बांका में 216557, बेगूसराय में 279648, भागलपुर 283822, भोजपुर में 319228, दरभंगा में 428058, गयाजी में 515581, कटिहार में 320275, मधुबनी में 577134, मुजफ्फरपुर में 444305, नालंदा में 255501, नवादा में 313245 आवेदन आये हैं. पश्चिम चंपारण में 406094, पटना में 396326, सहरसा में 213430, समस्तीपुर में 509741, सारण में 399483, सीवान में 242860, सुपौल में 271149 और वैशाली में 394513 लोगों ने आवास मांगा है.
13 शर्तें पूरा करने पर ही मिलेगा मकान
बताया जा रहा है कि पीएम आवास योजना के तहत 13 शर्तों को पूरा करने पर ही पक्का मकान मिलेगा. इसमें लाभुक के परिवार की वर्तमान आर्थिक स्थिति, कच्चे या पक्के मकान की स्थिति, जमीन की उपलब्धता, पेयजल सुविधा और पूर्व में किसी सरकारी आवास योजना का लाभ मिला है या नहीं समेत 13 मानकों को पूरा करना होगा.
