Pirpainti-Jasidih New Rail Line Project: भागलपुर और इसके आसपास के जिलों में रेल कनेक्टिविटी पहले से और भी मजबूत होने वाली है. सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि झारखंड तक लोगों का आना-जाना आसान होने वाला है. पीरपैंती-जसीडीह नई रेल लाइन परियोजना बेहद खास मानी जा रही है.
पीरपैंती-जसीडीह नई रेल लाइन के निर्माण के बारे में जानकारी सांसद अजय कुमार मंडल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए दी. उन्होंने लिखा, 'लोकसभा में मेरे प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी की तरफ से भागलपुर क्षेत्र से जुड़ी अलग-अलग रेल परियोजनाओं की स्थिति साझा की गई'.
38 किलोमीटर लंबा रेल लाइन बनकर चालू
जानकारी के मुताबिक, 97 किलोमीटर लंबी पीरपैंती-जसीडीह रेल लाइन की स्वीकृत लागत लगभग 2700 करोड़ रुपये है. अब तक इस परियोजना पर करीब 1697 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 270 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सबसे अहम बात यह है कि प्रस्तावित 97 किलोमीटर में से 38 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा होकर चालू भी हो चुका है.
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लेकिन परियोजना को लेकर अभी काफी काम बाकी है. जमीन अधिग्रहण की बात करें तो टोटल 613 हेक्टेयर में से 338 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. निर्माण कार्य में 31 बड़े पुलों में से 3 और 119 छोटे पुलों में से 45 पूरे किए जा चुके हैं. इसके अलावा 37 रोड ओवरब्रिज में से 25 का काम भी पूरा हो गया है.
सांसद ने अपने पोस्ट में क्या-क्या लिखा?
सांसद ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा, 'पीरपैंती-भागलपुर दोहरीकरण और साहिबगंज-पीरपैंती दोहरीकरण परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन, भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट दोहरीकरण और सुल्तानगंज-कटोरिया नई रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य जारी है'.
आगे उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कहलगांव, पीरपैंती, सबौर एवं शिवनारायणपुर स्टेशनों का विकास कार्य पूरा हो चुका है और भागलपुर जंक्शन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं का विकास कार्य प्रगति पर है. भागलपुर की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय की तरफ से किए जा रहे इन प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करता हूं'. इस रेल परियोजना के पूरी तरह तैयार होने के बाद भागलपुर की कनेक्टिविटी को फायदा मिलने की उम्मीद है. यात्रियों की आवाजाही आसान होने के साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है.
