world blood donor day: (मोनु कुमार मिश्रा की रिपोर्ट) रक्तदान को महादान कहा जाता है और बिहटा के युवा लव कुमार ने इस कहावत को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है. महज 25 वर्ष की उम्र में वे करीब 20 बार रक्तदान कर कई जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं. उनके इसी मानवीय कार्य के कारण क्षेत्र के लोग उन्हें सम्मानपूर्वक “रक्तवीर” के नाम से पुकारते हैं.
समाजसेवा को बनाया जीवन का मिशन
लव कुमार ने अंग्रेजी विषय से ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. उनका मानना है कि रक्तदान से किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है, इसलिए हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए.
दिन-रात मदद के लिए रहते हैं तैयार
लव कुमार केवल रक्तदान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी भी समय रक्त उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार रहते हैं. चाहे दिन हो या रात, मरीजों और उनके परिजनों की मदद के लिए वे हमेशा आगे आते हैं.
परिवार का मिला पूरा सहयोग
लव कुमार के पिता अनिरुद्ध कुमार सहित पूरा परिवार उनके इस सामाजिक कार्य की सराहना करता है और लगातार उन्हें प्रोत्साहित करता है. परिवार के सहयोग ने उन्हें समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है.
रक्तदान और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लव कुमार को विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है. उनके प्रयासों से क्षेत्र में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है और बड़ी संख्या में युवा इस अभियान से जुड़ रहे हैं.
युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
सरल, मिलनसार और मददगार स्वभाव के कारण लव कुमार युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं. वे आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो समाज के लिए सकारात्मक योगदान देना चाहते हैं. उनका मानना है कि छोटी-छोटी पहल भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है.
