तंबाकू नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य के लिए बिहार की संस्था 'सीड्स' को WHO का अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

पटना : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक संस्था सोशियो इकनोमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) को साल 2020 का विश्व तंबाकू निषेध दिवस पुरस्कार देने का निर्णय किया है. मालूम हो कि डब्ल्यूएचओ दुनिया की चुनिंदा संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रतिवर्ष तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित करता है. साल 2020 के प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु भारत से सीड्स का चयन किया गया है.

पटना : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक संस्था सोशियो इकनोमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) को साल 2020 का विश्व तंबाकू निषेध दिवस पुरस्कार देने का निर्णय किया है. मालूम हो कि डब्ल्यूएचओ दुनिया की चुनिंदा संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रतिवर्ष तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित करता है. साल 2020 के प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु भारत से सीड्स का चयन किया गया है.

बिहार-झारखंड में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के संचालन में सीड्स पिछले एक दशक से राज्य सरकार को तकनीकी सहयोग दे रही है. संस्था के प्रयास से ही दोनों राज्यों में पान-मसाला, गुटखा, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और अवैध हुक्के पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सका है. पूर्व स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार ने डब्ल्यूएचओ द्वारा सीड्स को पुरस्कृत किये जाने पर खुशी जाहिर की है.

सीड्स के कार्यों से प्रभावित होकर बिहार और झारखंड सरकार ने सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य तंबाकू नियंत्रण समन्यवय समिति का सदस्य भी मनोनीत किया है. साथ ही भारत सरकार के स्वस्थ्य मंत्रालय ने मिश्रा को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में ‘नशा मुक्ति अभियान’ के लिएस गठित टास्क फोर्स का सदस्य भी नामित किया गया है.

दीपक मिश्रा बिहार के मधुबनी जिले के रहनेवाले हैं. ग्लोबल तंबाकू नियंत्रण विशेषज्ञ व लूथर टेरी पुरस्कार विजेता मीरा आगा और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रो के श्रीनाथ रेड्डी ने तंबाकू नियंत्रण व उन्मूलन में उनकी भूमिका को सराहा है. ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (GATS 2017) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले आठ वर्षों में बिहार में तंबाकू सेवन करनेवालों की संख्या 53.5% से घट कर 25.9% हो गयी है, जबकि झारखंड में यह संख्या 50.1% से घट कर 38.9% पर आ गया है.

बिहार सरकार के प्रधान सचिव संजय कुमार ने डब्ल्यूएचओ द्वारा SEEDS को पुरस्कृत किये जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले एक दशक से सीड्स बिहार और झारखंड राज्य में जमीनी स्तर पर तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के कार्यान्वयन में राज्य सरकार के लिए एक विश्वसनीय साथी की भूमिका में है. दोनों राज्यों में तंबाकू के उपयोग में भारी कमी SEEDS के प्रयासों का गवाह है.

ग्लोबल तंबाकू नियंत्रण विशेषज्ञ और लूथर टेरी पुरस्कार विजेता डॉ मीरा आगी ने कहा, ”बिहार और झारखंड में तंबाकू के उपयोग में गिरावट के कारण बड़े पैमाने पर दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ होंगे. राज्य सरकार और सिविल सोसाइटी के साथ सीड्स की साझेदारी ने जमीनी स्तर की अच्छी प्रथाओं को विकसित किया है और इन्होंने अन्य राज्यों के अनुसरण के लिए एक अच्छा मॉडल बनाया हैं. डॉ मीरा ने कहा कि सीड्स का यह प्रयास तंबाकू के उपयोग को कम करने और युवाओं एवं कमजोर लोगों खासकर महिलाओं की रक्षा करने में भी मदद करेंगी.

प्रोफेसर के श्रीनाथ रेड्डी पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के प्रेसिडेंट ने कहा कि बिहार और झारखंड में तंबाकू सेवन में आयी कमी SEEDS के उल्लेखनीय अभियानों के कारण संभव हो पाया है. दोनों राज्यों में चबानेवाले तंबाकू के उपयोग में आयी गिरावट सीड्स द्वारा किये गये कार्यों में विशेष रूप से सराहनीय है.

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Author: Kaushal Kishor

Published by: Prabhat Khabar

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