शराब से ज्यादा ताड़ी का धंधा छोड़ने वालों को मिली पूंजी

राज्य में शराब का धंधा छोड़ने वालों से अधिक ताड़ी बेचने से दूरी बनाने वाले को सरकार ने मदद की है.

संवाददाता, पटना राज्य में शराब का धंधा छोड़ने वालों से अधिक ताड़ी बेचने से दूरी बनाने वाले को सरकार ने मदद की है. वहीं, एक लाख एससी-एसटी परिवार में 24 हजार से अधिक मुसहरों को सरकार से आर्थिक सहायता मिली है. सतत् जीविकोपार्जन योजना से दो लाख से अधिक निर्धन परिवारों को सरकार ने आर्थिक सहायता की है. रोजगार के लिए इन परिवारों को दो-दो लाख रुपये रोजगार के लिए दिये गये. वहीं, मुर्गीपालन व बकरीपालन से भी इन्हें जोड़ा गया. बीते वर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, दो लाख एक हजार 218 निर्धन परिवारों का चयन इस योजना के तहत किया गया. सरकारी मदद के बाद इन परिवारों की स्थिति में सुधार आया और उनकी आर्थिक समस्या दूर हुई. 172797 परिवारों को कराया गया बीमा : इस योजना के तहत राज्यभर के 172797 परिवारों का बीमा कराया गया, जबकि एक लाख 74 हजार 593 परिवारों को जनवितरण प्रणाली के तहत राशन दिया जा रहा है. एक लाख 96 हजार 558 परिवारों के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा किया गया. इस योजना के तहत एक लाख पांच हजार 367 एससी-एसटी परिवारों का चयन किया गया. ताड़ी का धंधा छोड़ने वाले 32 हजार 938 परिवारों को इस योजना का लाभ मिला, जबकि शराब का धंधा छोड़ने वाले 13 हजार 56 परिवारों को इस योजना का लाभ मिला. सतत् जीविकोपार्जन योजना के लिए 33 करोड़ जारी : इधर, सरकार की ओर से इस वित्तीय वर्ष में योजना के क्रियान्वयन के लिए 33 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं, जबकि इस योजना को अब योजना 2026-27 तक विस्तारित कर दी गयी है. इन दो वर्षों में 30 अरब 39 करोड़ रुपये रोजगार देने के लिए खर्च करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rakesh ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >