वार्ड 40: हाजिरी नहीं बनने के कारण सफाईकर्मियों ने की हड़ताल, काम ठप

पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 40 में स्थानीय पार्षद व सफाईकर्मियों के बीच चल रही अनबन से बुधवार को पूरे वार्ड में कूड़ा उठाव व साफ-सफाई का काम पूरी तरह से बाधित रहा. प

संवाददाता, पटना

पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 40 में स्थानीय पार्षद व सफाईकर्मियों के बीच चल रही अनबन से बुधवार को पूरे वार्ड में कूड़ा उठाव व साफ-सफाई का काम पूरी तरह से बाधित रहा. पटना नगर निगम चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाईकर्मियों ने विरोध में काम बंद रखा. इस वजह से बारी पथ, सब्जीबाग, दरियापुर, अंडा गली, कसाई बाड़ी, पोस्ट ऑफिस और आसपास के कई महत्वपूर्ण मोहल्लों में न सड़कों की सफाई हुई और न ही कचरे का उठाव हो पाया. संघ का मुख्य आरोप है कि वार्ड पार्षद सफाईकर्मियों की नियमित उपस्थिति दर्ज करने के काम में बार-बार हस्तक्षेप कर रहे हैं, जिससे कर्मचारी परेशान हैं.

कार्यपालक पदाधिकारी को शिकायत करने पर भी समाधान नहीं

संघ के अध्यक्ष नंद किशोर दास ने आरोप लगाया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति का जिम्मा सफाई निरीक्षक को दिया गया है, ल���किन वार्ड पार्षद के दखलंदाजी के कारण कई सफाईकर्मी काम करने के बावजूद अपनी हाजिरी नहीं लगा पा रहे हैं. बायोमेट्रिक मशीन वार्ड पार्षद और उनके लोगों के नियंत्रण में है, जिससे सफाईकर्मियों में भारी नाराजगी है. इस विषय की शिकायत बांकीपुर अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी गंगा प्रसाद ठाकुर से भी की गई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है. संघ ने चेतावनी दी है कि वे गुरुवार को नगर आयुक्त यशपाल सिंह मीणा से मिलकर शिकायत करेंगे.

छह दिनों से सफाई निरीक्षक का नहीं बनने दिया हाजिरी

वहीं, सफाई निरीक्षक राजेंद्र राम ने भी छह दिनों से अपनी हाजिरी नहीं बनने देने का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर को सफाई निरीक्षक के रूप में योगदान दिया था और पद संभालने के बाद से ही वे बायोमेट्रिक मशीन मांग रहे हैं. लेकिन पार्षद इसे अपने नियंत्रण में रखते हैं. राजेंद्र राम ने बुधवार को जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन भी दिया है. आवेदन में उन्होंने कहा है कि पार्षद के द्वारा उन्हें बायोमेट्रिक मशीन नहीं दी जा रही है और उनके पर्यवेक्षक (मो इमरान उर्फ गुड्डु और मिनहाज सफी उर्फ मिनु) द्वारा गाली गलौज भी करवाई जाती है.

बोले पार्षद-

वार्ड पार्षद असफर अहमद ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और अगर कुछ गलत हो रहा है तो निगम प्रशासन जांच करेगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि कचरे का उठाव हुआ है और मशीन करीब 8 माह पहले अपने ऑफिस में कैमरे की निगरानी में लगा दी गई है, क्योंकि पहले सब अपने हिसाब से काम करते थे.

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Published by: Kumar prabhat

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