Voter Adhikar Yatra: बिहार से उठी राहुल गांधी की ‘लोकतंत्र बचाओ’ पुकार, सासाराम में विपक्ष की ताकत का प्रदर्शन

Voter Adhikar Yatra: सासाराम का आसमान रविवार को नारों से गूंज उठा—“वोट चोर गद्दी छोड़”. मंच पर राहुल गांधी थे, बगल में लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव, सामने हजारों की भीड़. यह नज़ारा सिर्फ़ एक जनसभा नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में आने वाले चुनावी संग्राम की भूमिका था.

Voter Adhikar Yatra: राहुल गांधी ने बिहार के सासाराम के सुआरा हवाई अड्डा ग्राउंड से ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लालू-राबड़ी यादव, तेजस्वी यादव, लेफ्ट पार्टियों और वीआईपी के नेता एक मंच पर दिखे. विपक्ष ने इसे लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए निर्णायक कदम बताया.

जनसभा के दौरान लोगों ने जोरदार ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे लगाए. राहुल गांधी इस यात्रा के पहले दिन सासाराम से औरंगाबाद जाएंगे, जहां वे किसानों से मुलाकात करेंगे. यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी को भी बिना अनुमति राहुल गांधी के पास जाने की अनुमति नहीं है.

17 दिन, 23 जिले और 50 विधानसभा सीटें

यह वोट अधिकार यात्रा कुल 17 दिनों में 23 जिलों से गुजरेगी और लगभग 50 विधानसभा सीटों को कवर करेगी. सासाराम की जनसभा के बाद राहुल गांधी शाम 4 बजे डेहरी के लिए रवाना होंगे, जहां से वे थाना चौक से पैदल मार्च की शुरुआत करेंगे. इस दौरान उनके साथ तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और महागठबंधन के कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे.

जनसभा के लिए एक वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है, जिसमें 50,000 से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं. यह पंडाल लगभग 20 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है. महागठबंधन का कहना है कि इस यात्रा के जरिए वे लोगों तक अपनी बात पहुंचाकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेंगे.

विपक्ष का संदेश: लोकतंत्र बचाना ज़रूरी

RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इस यात्रा पर कहा कि वोट का अधिकार है और हम लोकतंत्र को मिटने नहीं देंगे. लोकतंत्र को बचाने के लिए हमने कई कुर्बानियां दी हैं और आगे भी देते रहेंगे.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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