बिहार में बेटे की मौत, दिल्ली में फंसा पिता, वायरल फोटो वाले मजदूर की कहानी- जो आपको भी रुला देगी

बेटा था बीमार, दिल्ली से घर आये, पर नहीं हो सकी मुलाकातमाथे पर तनाव की लकीरें, आंखों में मायूसी के आंसू और कान पर सटे फोन पर दूसरी तरफ से किसी अनहोनी की आशंका! प्रवासी श्रमिकों की पीड़ा दिखाती यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है. इस तस्वीर को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने ट्ववीटर अकांउट पर लगा रखा है.

पटना : बेटा था बीमार, दिल्ली से घर आये, पर नहीं हो सकी मुलाकात, माथे पर तनाव की लकीरें, आंखों में मायूसी के आंसू और कान पर सटे फोन पर दूसरी तरफ से किसी अनहोनी की आशंका! प्रवासी श्रमिकों की पीड़ा दिखाती यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है. इस तस्वीर को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीटर अकांउट पर लगा रखा है.

दरअसल, 11 मई को बिहार के बेगूसराय स्थित बरियारपुर निवासी रामपुकार पंडित दिल्ली के निजामुद्दीन पुल पर बैठ कर फोन पर बात कर रहे थे और लगातार रोये जा रहे थे. वह नजफगढ़ में मजदूरी का काम करते हैं. लॉकडाउन के बीच घर पर उनका बेटा बीमार हो गया था और उसकी हालत गंभीर थी. वह सिर्फ वहां जाकर उसे देखना चाहते थे. वह घर के लिए पैदल ही निकले थे, लेकिन पुल पर पुलिस ने पकड़ लिया और जाने से रोक दिया. वह दुखी होकर तीन दिन तक पुल पर फंसे हुए थे. इस बीच, मीडिया की मदद से वह घर पहुंच गये, लेकिन उनका बेटा जिंदगी की जंग हार गया.

3 मई की शाम उन्हें मदद मिल गई. दिल्ली पुलिस ने उन्हें पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन भेजा और वे बिहार जाने वाली स्पेशल ट्रेन से घर के लिए रवाना हुए. राम पुकार फिलहाल बगूसराय पहुंच चुके हैं और उन्हें एक स्कूल में कोरोनावायरस जांच के लिए रखा गाया है.

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By Rajat Kumar

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