Patna NEET Student Death Case: पटना में NEET छात्रा दुष्कर्म-मौत मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने इस केस में कई संदिग्धों के ब्लड सैंपल लेकर DNA टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर दो थानेदारों को निलंबित कर दिया गया है. इस मामले पर सियासत भी तेज हो गई है.
डिप्टी सीएम का सख्त संदेश
मंगलवार को बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा जहानाबाद पहुंचे. पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में दोषी चाहे जितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा. विजय सिन्हा ने कहा, “यह सिर्फ एक बेटी का मामला नहीं, बल्कि बिहार की अस्मिता का सवाल है. सुशासन के राज में दरिंदगी करने वाला नहीं बचेगा.”
डिप्टी सीएम ने बताया कि उन्होंने डीजीपी और गृह मंत्री दोनों से बात की है. केस की मॉनिटरिंग शीर्ष स्तर से हो रही है और किसी भी तथ्य को छिपाया नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि “जो भी इस अपराध में शामिल होगा, उस पर कार्रवाई तय है.”
डॉक्टर का बयान बना विवाद की वजह
इस बीच प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ. सतीश सिंह का एक बयान वायरल हो रहा है. उन्होंने खुले मंच से धमकी भरे शब्दों में कहा कि “कलयुग का अभिमन्यु हूं, एक-एक को जमीन में गाड़ दूंगा.” इस बयान पर पूर्णिया सांसद ने पप्पू यादव ने X पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा कि “कलियुग के दुःशासन का चीरहरण होकर रहेगा.”
फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
केस में सबसे अहम मोड़ तब आया जब छात्रा के कपड़ों की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सामने आई. रिपोर्ट में कपड़ों से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई है. यह रिपोर्ट दो दिन पहले SIT को सौंपी गई थी. अब FSL द्वारा लिए गए DNA सैंपलों का मिलान किया जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद PMCH की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी मुहर लग गई है, जिसमें यौन हिंसा से इनकार नहीं किया गया था.