बेधड़क दौड़ रहीं पुराने नंबर प्लेट वाली गाड़ियां

राज्यभर में सीसीटीवी कैमरे से गाड़ियों की निगरानी हो रही है. वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ऐसी सभी गाड़ियों पर ऑनलाइन जुर्माना किया जा रहा हे.

18% अपराध में भी पुराने नंबर प्लेट लगी गाड़ियों का हो रहा उपयोग, हिट एंड रन में भी कैमरा नहीं कर पा रही गाड़ियों को कैच संवाददाता, पटना राज्यभर में सीसीटीवी कैमरे से गाड़ियों की निगरानी हो रही है. वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ऐसी सभी गाड़ियों पर ऑनलाइन जुर्माना किया जा रहा है, लेकिन कैमरा भी उन्हीं गाड़ियों पर जुर्माना कर पा रहा है. जिस गाड़ी में हाइ सिक्यूरिटी नंबर लगा हुआ है. ऐसे में पुरानी गाड़ियों में लगे नंबर प्लेट अधिकारियों और पुलिस वालों के लिए सिर दर्द बन गया है. परिवहन विभाग की समीक्षा में बार-बार सभी गाड़ियों में हाइ सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए जिलों को निर्देश दिया जाता है,पर ऐसा नहीं होने से ऐसी गाड़ियों से 20 % होने वाले हिट एंड रन की घटनाएं और 18% आपराधिक घटनाओं में गाड़ियों को पकड़ा मुश्किल हो रहा है. परिवहन विभाग का मानना है आपराधिक घटनाओं के दौरान पकड़ी गयी अधिकांश गाड़ियों में हाइ सिक्यूरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा हुआ है. पुराने नंबर प्लेट की गाड़ियां किसी भी चेकपोस्ट से गुजर जायेंगी, तो उसका नंबर रिड नहीं हो पाता है.ऑनलाइन कैमरा की इस कमी का फायदा अभी अपराधी उठा रहे हैं. वहीं, उन्हीं गाड़ियों के नंबर प्लेट में छेड़छाड़ भी किया जाता है. कुछ ट्रेक्टर, मिनी बस, बिक्रम भी पकड़ी गये हैं, जिनमें नंबर प्लेट अब भी हाथ से ही लिखा मिलता है. 20 लाख से अधिक गाड़ियों में नहीं लगा है हाइ सिक्यूरिटी नंबर प्लेट : परिवहन विभाग के मुताबिक राज्यभर में 20 लाख से अधिक ऐसी पुरानी गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही है, जिसमें हाइ सिक्यूरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा हुआ है.विभागीय आदेश में एक अप्रैलए 2019 से पहले की सभी गाड़ियां ओल्ड वेकल मानी गयी हैं. जिन पर एचएसआरपी प्लेट लगाया अनिवार्य किया गया है. साथ ही , 39 हजार से अधिक पुरानी गाड़ी मालिकों ने नंबर बनाकर लगाया नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rakesh ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >