तेजस्वी यादव ने कहा- वीर कुंवर सिंह तबला और दुश्मनों दोनों को 'बजाते' थे, पढ़िए ऐसा क्यों कहा?

Veer Kunwar Singh तेजस्वी यादव ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह की वीरता और महानता बताने की ज़रूरत नहीं है. उनकी सेना में हर धर्म और जाति के लोग थे, जो अंग्रेजों से लड़े. वे संगीत प्रेमी थे, तबला बजाते थे और दुश्मनों को भी 'बजाते' थे.

Veer Kunwar Singh सारण विकास मंच की ओर से वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव का आयोजन विद्यापति भवन में किया गया. इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान सारण विकास मंच के संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने तेजस्वी यादव को चांदी की एक तलवार भेंट की जिसे महाराणा प्रताप के वंशज शक्ति सिंह मेवाड़ ने खासतौर पर भेजवाया था.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सारण विकास मंच के संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि क्षत्रिय जहां होते हैं, सरकार उन्हीं की बनती है. इस बार क्षत्रिय तेजस्वी यादव के साथ हैं. इसलिए यह पक्का है कि इस बार बिहार में तेजस्वी यादव की ही सरकार बनेगी.

तेजस्वी यादव ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह की वीरता और महानता बताने की ज़रूरत नहीं है. उनकी सेना में हर धर्म और जाति के लोग थे, जो अंग्रेजों से लड़े. वे संगीत प्रेमी थे, तबला बजाते थे और दुश्मनों को भी ‘बजाते’ थे. जब उनके लोगों को परेशान किया गया, उन्होंने बिना झुके मुकाबला किया. आज हम नई पीढ़ी को उनसे मिली सीख को अपनाने की ज़रूरत है. कार्यक्रम के दौरान ही जब बाबू वीर कुंवर सिंह की 80 फीट की प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठी तो तेजस्वी यादव ने कहा कि 80 फीट का तो सिर्फ घोड़ा ही होगा.

तेजस्वी यादव ने कहा कि अस्सी साल की उम्र में उन्होंने देश और अपने लोगों के लिए जो मिसाल पेश की, वह प्रेरणादायक है. आगे उन्होंने कहा कि हमें पाँच साल ही काम करने का पूरा मौका नहीं मिला. पिछली बार जब हम सरकार में आए, उपमुख्यमंत्री बने, तब सबसे पहले नौकरी देने की बात की. लोग बोले – “कैसे होगा?” पद खाली थे, बजट में प्रावधान था, फिर भी नौकरी नहीं दी जाती थी. हमने एक ही दिन में पटना के – गांधी मैदान में पाँच लाख नौकरियाँ दी.

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार का असल मुद्दा है – गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और पलायन. लालू जी कभी पिछली सरकारों से तुलना नहीं करते थे. आज अगर कोई अपराध होता है, तो पहले की गिनती गिनाई जाती है. लेकिन बीस साल पुरानी बातों से आज का नौजवान क्या लेगा? आज की उसकी चिंता है – पढ़ाई, दवाई, सिंचाई.

उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि यह सरकार बदलेगी. आज की सरकार के पास कोई विज़न नहीं है। हमने पटना में 50 करोड़ का निवेश लाया. हमारे मुख्यमंत्री उद्योग-निवेश की बात नहीं करते, सिर्फ बयान देते हैं. हम अपनी नहीं, जनता की बात कर रहे हैं. हम नेता प्रतिपक्ष हैं और अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं.

इस दौरान राज्यसभा सांसद संजय यादव ने कहा कि आज बाबू वीर कुंवर के विजयोत्सव आज हम मना रहे हैं, बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन से प्रेरणा मिलती है. हमारा हर दिन संघर्ष से भरा होता है. बिना संघर्ष कुछ प्राप्त नहीं होता. हम अपने पुरखों से ही सीखते हैं। हम सब बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन से सीख कर आगे बढ़ेंगे.

वहीं इस दौरान सारण विकास मंच के संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह पर कवि दिनकर ने कहा था – ‘युद्ध नहीं किए जिनके जीवन में, वे भी बहुत अभागे होंगे, या तो प्रण को तोड़ा होगा, या फिर रण से भागे होंगे.’ यह पंक्तियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी 167 साल पहले थीं.

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By RajeshKumar Ojha

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