बिहार में शराबबंदी: उपेंद्र कुशवाहा ने पुलिस की भूमिका पर उठाये सवाल, भाजपा नेताओं को दी नसीहत

बिहार में शराबबंदी कानून के उल्लंघन पर जदयू के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. कुशवाहा ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किये हैं. साथ ही भाजपा नेताओं को नसीहत भी दी है.

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी सूबे में पांव पसारे हुए शराब के काले कारोबार को लेकर सियासत गरम है. जदयू संसदीय दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शराबबंदी के मामले में पुलिस को निशाने पर लिया है और यहां तक कह दिया कि पुलिस की सूचना के बिना शराब की तस्करी संभव नहीं है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सूबे के 80 प्रतिशत पुलिसकर्मियों को शराबबंदी में दिलचस्पी नहीं है. मौजूदा हालत जो सामने है वो इसी की बड़ी वजह है.शनिवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए जदयू नेता ने कहा कि यह कैसे संभव हो सकता है कि पुलिस की जानकारी के बिना शराब का निर्माण, इसकी तस्करी और बिक्री हो जाए. शराबबंदी को जनहित में बताते हुए उन्होंने सबों को साथ मिलकर इसे सफल बनाने की अपील की.

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी को पूरी तरह कामयाब बनाने में जुटे हुए हैं. लेकिन जिनके पास इसे सख्ती से लागू करवाने का जिम्मा है, वहीं गंभीर नहीं हैं. मुश्किल से 20 फीसदी पुलिस वाले इसे गंभरता से लिए हुए हैं.

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार अपने स्तर से इसकी समीक्षा करते रहते हैं. वहीं भाजपा के नेताओं के द्वारा शराबबंदी पर दिये जाने वाले बयान का विरोध करते हुए कुशवाहा ने कहा कि सूबे में केवल जदयू की सरकार नहीं है. भाजपा भी सरकार में शामिल है. इसलिए बीजेपी के नेताओं को बयान देने के बदले इसे सफल बनाने में साथ देना चाहिए.

Published By: Thakur Shaktilochan

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