पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट पटना. हृदय रोग में उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले मेडिकल के छात्रों के लिए अच्छी खबर है. क्योंकि अब उनको हृदय रोग में डायरेक्ट की उच्च शिक्षा की डिग्री के लिए बिहार के दूसरे राज्यों में जानकी की जरूरत नहीं है. राजधानी पटना के इंदिरा गांधी ह्दय रोग संस्थान (आइजीआइसी) में ही इसकी पढ़ाई हो जायेगी. डॉक्टरेट इन नेशनल बोर्ड ऑफ कॉर्डियोलॉजी पाठ्यक्रम में दो सीटें बढ़ा दी गयी हैं. अब तक इस पाठ्यक्रम में तीन सीटों पर दाखिला लिया जाता था. लेकिन अब कुल पांच सीटों पर दाखिला होगा. यह इसी सत्र से लागू किया गया है. ऑल इंडिया ओपेन एग्जाम के तहत चयनित मेडिकल छात्र को इसमें दाखिला लेने का अवसर मिलेगा. वहीं इसकी जानकारी आईजीआईसी के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ संदीप कुमार ने बताया कि यह पाठ्यक्रम वर्ष 2013 में शुरू किया गया था. उस समय एक सीट पर ही दाखिला लिया गया. लेकिन वर्ष 2020 में दो ही सीटें बढ़ी थीं. अब वर्ष 2026 में दो और सीटें बढ़ायी गयी हैं. ऑल इंडिया ओपेन एग्जाम में चयनित मेडिकल छात्र ले सकेंगे दाखिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसका निर्देश जारी कर दिया गया है. जल्द ही विभागाध्यक्षों के साथ एक बैठक कर इसकी रूपरेखा तैयार की जायेगी और इसकी सूचना संस्थान के सरकारी वेबसाइट पर भी जारी कर दी जायेगी. बता दें कि इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई पटना मेडिकल कॉलेज में भी होता है. पटना मेडिकल कॉलेज में तीन सीटों पर दाखिला लिया जाता है. वहीं सीटों की संख्या कम होने के चलते बिहार के मेडिकल छात्रों को देश के दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता था. वहीं आने वाले समय में अन्य कोर्सों में भी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव नेशनल बोर्ड व नेशनल काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजा दिया गया है.
पटना आइजीआइसी : डॉक्टरेट इन नेशनल बोर्ड ऑफ कॉर्डियोलॉजी में बढ़ीं सीटें

पटना आइजीआइसी : डॉक्टरेट इन नेशनल बोर्ड ऑफ कॉर्डियोलॉजी में बढ़ीं सीटें
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Patna News : डॉक्टरेट इन नेशनल बोर्ड ऑफ कॉर्डियोलॉजी पाठ्यक्रम में दो सीटें बढीं