दो केंद्रीय मंत्री बिहार की कानून-व्यवस्था पर उलझे

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा दिये गये बयान पर हम के वरिष्ठ नेता केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बीच जुबानी जंग तेज हो गयी है़

संवाददाता, पटना

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा दिये गये बयान पर हम के वरिष्ठ नेता केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बीच जुबानी जंग तेज हो गयी है़ केंद्रीय एमएसएमइ मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि कानून व्यवस्था पर जितने सवाल खड़े किये जा रहे हैं, उतने सवाल खड़े करने की जरूरत नहीं है. चिराग पासवान के पास अनुभव की कमी है. चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरह से बिहार में अपहरण, हत्या, लूट-मार हो रही है, इससे एक के बाद एक अपराध की शृंखला बन गयी है. अब तो लग रहा है कि प्रशासन पूरी तरह से घटनाओं को रोकने में नाकामयाब है. अगर ऐसा रहा तो आने वाले दिनों में भयावह परिस्थिति उत्पन्न हो जायेगी. दुष्कर्म पीड़ित और अपनों को खोने वाले के हालात पूछिये. श्री पासवान ने कहा कि कहा जा रहा है कि चुनाव के कारण ऐसी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है. मैं भी ऐसा मानता हूं. पर, तब भी जिम्मेदारी प्रशासन की है. कोई भी अपराधी इन घटनाओं को अंजाम क्यों दे रहा है. कहा कि या तो प्रशासन की मिलीभगत है, या प्रशासन पूरी तरह से निकम्मा हो चुका है. बिहार और बिहारियों को सुरक्षित करना, अब इनके वश की बात नहीं है.

पटना. चिराग पासवान ने बिहार के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किये. इस पर श्री मांझी ने चिराग पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला. चिराग पासवान ने यहां तक कह दिया कि उन्हें दुख हो रहा है कि वे बिहार में ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं, जहां अपराध बेलगाम हो चुका है. चिराग के इस बयान पर जीतन राम मांझी ने कहा कि चिराग पासवान थोड़े दिन से राजनीति कर रहे हैं. जन्म लेने के साथ बरसात होने पर लगता है कि समुद्र आ गया. चिराग पासवान को 2005 के पहले के हालात मालूम नहीं हैं. इसलिए वे बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर ऐसा बोल रहे हैं.उनके पिता रामविलास पासवान के पास लंबा राजनीतिक अनुभव था. कहा कि 2005 के पहले बिहार में अपराध होता था और एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री अपराधियों से बात करते थे और पैसे लेकर समझौता कराते थे. मांझी ने यह भी कहा कि जिसकी जितनी कूबत है, उसको उतना टिकट मिलेगा. इसके लिए बाहर से दबाव डालना उचित नहीं है. श्री मांझी ने यह भी कह दिया कि चिराग पासवान 2020 में भी बिहार विधानसभा चुनाव में इस प्रकार की कवायद कर चुके हैं. आज एनडीए में है. एनडीए में रहकर इस प्रकार बोलते हैं, जो उचित नहीं है. दोनों ने पटना में मीडिया से बात करते हुए सियासी बयानबाजी की.

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Published by: Rakesh ranjan

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