सुरंग खोदने की मशीन सिंगापुर से आयेगी

दिसंबर में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सिंगापुर से आयेगी और वर्ष के अंत तक पटना म्यूजियम व बिहार म्यूजियम को मिलाने वाले टनल का निर्माण शुरू होगा.

अनुपम कुमार, पटना दिसंबर में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सिंगापुर से आयेगी और वर्ष के अंत तक पटना म्यूजियम व बिहार म्यूजियम को मिलाने वाले टनल का निर्माण शुरू होगा. बीते वर्ष ही इसे चीन से मंगाया जाना था, लेकिन उसके साथ रिश्तों में तल्खी आने के बाद यह अनुबंध रुक गया और सिंगापुर से इसे मंगाने का नये सिरे से निर्णय लिया गया. इस प्रक्रिया में सात-आठ महीने लग गये. अब इस वर्ष के अंत तक ही यह मशीन आ पायेगी और दोनों म्यूजियम को जोड़ने के लिए टनल का निर्माण शुरू हो सकेगा. मेट्रो से अधिक गोलाई होगी दोनों म्यूजियम को मिलाने वाले टनल की बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को मिलाने वाले टनल की गोलाई मेट्रो से अधिक होगी. मेट्रो के टनल का व्यास 6.6 मीटर है, जबकि यह आठ मीटर व्यास की गोलाई की होगी. यही वजह है कि मेट्रो लाइन के निर्माण में चार टीबीएम के लगे होने के बावजूद दोनों म्यूजियम को मिलाने वाले टनल के निर्माण के लिए एक नयी टीबीएम की जरूरत पड़ेगी, जो 1.7 मीटर अधिक व्यास की गोलाई वाला सुरंग खोदने में सक्षम होगी. इंट्री और एग्जिट प्वाइंट की गहराई 20 मीटर बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को मिलाने वाले टनल के इंट्री और एग्जिट प्वाइंट का निर्माण पूरा हो गया है. इन दोनों जगहों की गहराई लगभग 20 मीटर है और यहां नीचे उतरने के लिए सीढ़ियां बनेंगी और लिफ्ट भी लगेगा. यहां से टीबीएम आने के बाद टनल की खुदाई शुरू होगी. सतह से इसके ऊपरी भाग की गहराई 12 मीटर, जबकि निचले भाग की 20 मीटर होगी.

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Published by: Durgesh kumar

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