पटना. रेलवे ने गलत ढंग से पार्सल डिलिवरी पर भंडारण शुल्क लिया, अब 40,000 मुआवजा समेत उसे भंडारण (व्हार्फेज) शुल्क के रूप में ली गयी राशि लौटानी पड़ेगी. जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, मामला उपभोक्ता शिकायत संख्या 477/2015 से संबंधित है, जिसकी सुनवाई आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा एवं सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने की. शिकायतकर्ता मीरा गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने 4 दिसंबर 2013 को इलाहाबाद से पटना जंक्शन के लिए रेलवे के माध्यम से पत्रिकाओं के सात बंडलों की बुकिंग कराई थी. यह खेप 5 दिसंबर 2013 की शाम को पटना पहुंच गई थी, लेकिन इसे समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया.
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