दो माह से पोर्टल बंद, मुआवजा राशि के लिए भटक रहे लोग

patna news: अजीत कुमार ,फुलवारीशरीफ. प्रखंड के कई मजदूर परिवार अपने स्वजन की स्वाभाविक मृत्यु पर मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं.

अजीत कुमार ,फुलवारीशरीफ.

प्रखंड के कई मजदूर परिवार अपने स्वजन की स्वाभाविक मृत्यु पर मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं. ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद, उन्हें अब तक सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई है. प्रभावित आवेदकों का कहना है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनके बैंक खातों में सरकारी सहायता राशि जमा नहीं की गयी है. इसके लिए वे प्रखंड कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय और श्रम प्रवर्तन अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही.

सकरैचा गांव के राजेश्वर रविदास ने बताया कि उनकी पत्नी सोमरिया देवी का एक साल पहले इलाज के दौरान निधन हो गया था. दोनों पति-पत्नी मजदूरी करते थे और उनके पास लेबर कार्ड था. सरकारी सहायता राशि के लिए उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन अब तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला.

इसी प्रकार, सकरैचा गांव की ही राजकली देवी के पति राजकुमार रविदास की 26 अगस्त 2023 को अचानक तबीयत खराब होने के कारण मृत्यु हो गयी थी. वे राजमिस्त्री के सहायक के रूप में कार्यरत थे और उनका श्रम विभाग में पंजीकरण था. राजकली देवी ने बताया कि फुलवारीशरीफ श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी द्वारा जांच किये जाने के बावजूद अब तक उन्हें सहायता राशि नहीं मिली.

इस संबंध में फुलवारीशरीफ प्रखंड की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मौसमी कुमारी ने बताया कि पिछले दो माह से पोर्टल बंद होने के कारण सहायता राशि के भुगतान में देरी हो रही है. उन्होंने कहा कि जो आवेदक उनसे मिले हैं, उनकी फाइलों पर कार्रवाई की गयी है, लेकिन पोर्टल की समस्या के कारण भुगतान प्रक्रिया में बाधा आ रही है.

प्रभावित लोगों का कहना है कि वे कई बार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी से मिले हैं, फिर भी उनकी सहायता राशि नहीं मिली. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी फुलवारी प्रखंड में कम ही उपस्थित रहती हैं.

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