अप्रैल से सितंबर तक घरों की सूची होगी तैयार, सरकार से लिया जायेगा परामर्श
भारत की जनगणना 2027 की तैयारी का काम पहली अप्रैल 2026 के बाद शुरू हो जायेगा. पहले फेज में घरों की गणना और उसकी सूची तैयार की जायेगी.
जनगणना 2027 : हाउस लिस्टिंग के दौरान गणनाकर्मी गांव और शहर के हर भवन का सर्वे करेंगे संवाददाता,पटना भारत की जनगणना 2027 की तैयारी का काम पहली अप्रैल 2026 के बाद शुरू हो जायेगा. पहले फेज में घरों की गणना और उसकी सूची तैयार की जायेगी. यह काम पहली अप्रैल से सितंबर के बीच पूरा कर लिया जायेगा. बिहार में स्थापित जनगणना निदेशालय इस दिशा में आरंभिक तैयारी कर अब सरकार से विमर्श की तैयारी में है. राज्य सरकार जनगणना के लिए बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध कराती हैं. जनगणना निदेशक, बिहार एम रामचंद्रुडु ने बताया कि बिहार के सभी जिलों में एक साथ मकान सूचीकरण और जनगणना का काम कराया जायेगा. यह काम निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा किया जायेगा. घरों और आवासीय सुविधाओं की गणना की जायेगी बिहार में आगामी जनगणना की प्रक्रिया का पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के रूप में शुरू होगा. इस चरण में लोगों की नहीं बल्कि घरों और आवासीय सुविधाओं की गणना की जायेगी. रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के निर्देश पर राज्य सरकार इसकी तैयारियों में जुटी है. हाउस लिस्टिंग के दौरान गणनाकर्मी गांव और शहर के हर भवन का सर्वे करेंगे. इसमें आवासीय, व्यावसायिक और खाली भवनों की पहचान कर उन्हें यूनिक नंबर दिया जायेगा ताकि कोई घर जनगणना से छूट न जाये. इस चरण में यह दर्ज किया जायेगा कि मकान पक्का, अर्ध-पक्का या कच्चा है और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए हो रहा है. इसके साथ ही मकान की मालिकाना स्थिति जिसमें स्वयं का, किराये का या सरकारी आदि की जानकारी ली जायेगी. घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के पानी का स्रोत, बिजली कनेक्शन, शौचालय, रसोईघर और खाना पकाने के ईंधन का विवरण भी दर्ज किया जायेगा. हाउस लिस्टिंग में घरेलू संपत्तियों की जानकारी भी शामिल होगी. जिसमें टीवी, फ्रिज, मोबाइल या स्मार्टफोन, इंटरनेट सुविधा और वाहन जैसी संपत्तियों का विवरण लिया जायेगा. इसके अलावा ड्रेनेज, सीवर और कचरा निपटान व्यवस्था की स्थिति भी रिकॉर्ड किया जायेगा. हाउस लिस्टिंग का काम डिजिटल माध्यम से किया जायेगा. गणनाकर्मी यह भी नोट करेंगे कि एक घर में कितने परिवार रहते हैं और कौन से मकान अस्थायी रूप से बंद या पूरी तरह खाली हैं. हालांकि इस चरण में किसी व्यक्ति का नाम, उम्र, जाति या धर्म से जुड़ी जानकारी नहीं ली जायेगी. इस बार हाउस लिस्टिंग का काम डिजिटल माध्यम से किया जायेगा. गणनाकर्मी मोबाइल ऐप या टैबलेट के जरिए डेटा दर्ज करेंगे जिससे जानकारी सीधे केंद्रीय सर्वर तक पहुंचेगी.
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