पति का चल रहा था हॉस्पिटल की महिला स्टाफ से प्रेम प्रसंग, पत्नी करती थी विरोध

सुरभि राज की चैंबर में ही गोली मार हत्या मामले में पुलिस ने साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में पति, देवर व कर्मियों सहित पांच को गिरफ्तार किया है

-रास्ता से हटाने के लिए की गयी सुरभि की हत्या, पति, देवर, महिला स्टाफ सहित पांच साजिश व साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार

संवाददाता, पटना/पटनासिटी

एशिया हॉस्पिटल की संचालिका सुरभि राज की चैंबर में ही गोली मार हत्या मामले में पुलिस ने साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में पति, देवर व कर्मियों सहित पांच को गिरफ्तार किया है. अस्पताल कर्मियों में एक महिला भी शामिल हैं. गिरफ्तार लोगों में अस्पताल के मालिक सह पति कुम्हरार कुशवाहा पंचायत बैठका निवासी राकेश रौशन उर्फ चंदन सिंह, देवर रमेश कुमार उर्फ अतुल कुमार, अस्पताल की महिला कर्मी अलका, औरंगाबाद गोह के दधपी गांव निवासी सुपरवाइजर अनिल कुमार और सुल्तानगंज थाना दरगाह रोड माखुम गली निवासी व हॉस्पिटल के एचआर मैनेजर मसूद आलम शामिल हैं. राकेश के पास से सुरभि का बुलेट लगा मोबाइल फोन बरामद किया गया है. जबकि घटना से लेकर अभी तक एक लैपटॉप, 15 सिम कार्ड, सात मोबाइल फोन, तीन शराब की बोतल, एप्पल का मैकबुक व प्रोबुक भी जब्त किया गया है.

महिला स्टाफ से चल रहा था प्रेम प्रसंग, पत्नी करती थी विरोध

एशिया हॉस्पिटल के संचालक राकेश का प्रेम प्रसंग महिला स्टाफ से चल रहा था और इसका विरोध सुरभि करती थी. सुरभि को रास्ते से हटाने के लिए पति ने साजिश रची. हॉस्पिटल के स्टाफ की मदद से योजनाबद्ध तरीके से सुरभि की हत्या 22 मार्च को करा दी गयी. एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया कि राकेश रौशन का प्रेम प्रसंग अस्पताल के एक महिला कर्मी से चल रहा था. यह बात जांच के दौरान सामने आयी है. राकेश व महिला कर्मी ने आपस के प्रेम प्रसंग की बात को स्वीकार भी किया है. इन दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी सुरभि को करीब डेढ़-दो माह पहले हो गयी थी और उसने हॉस्पिटल आना शुरू कर दिया. लेकिन इसी बीच राकेश के कहने पर 15-20 दिन पहले हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी हटा दिया गया था. सुरभि को किसने गोली मारी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. क्योंकि सभी अपना गुनाह कबूल नहीं कर रहे हैं. लेकिन जांच में इन सभी के खिलाफ पाया गया है कि ये लोग हत्या की साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने में शामिल थे. जिस समय घटना हुई, उस समय राकेश हॉस्पिटल में मौजूद नहीं था. लेकिन अन्य चार रमेश, मसूद, अनिल कुमार व महिला कर्मी हॉस्पिटल में ही थे. बाहर से कोई हत्या करने नहीं आया है, बल्कि इन चारों में से ही किसी ने हत्या की है. एसएसपी ने बताया कि 22 मार्च को दिन में 1:30 से दो बजे के बीच घटित हुई और चार बजे परिजनों व पुलिस को सूचना मिली. दो घंटे के अंदर में साक्ष्य को मिटाया गया. एसएसपी ने बताया कि पुलिस की जांच में प्रथम दृष्टया हत्या का कारण प्रेम प्रसंग का ही आया है. हालांकि वित्तीय लेन-देन के बिंदू पर भी जांच की जा रही है. फिलहाल हथियार बरामद नहीं किया जा सका है. एसएसपी ने बताया कि इन सभी को हत्या की साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. राकेश व मसूद को रिमांड पर भी लेकर पूछताछ की जायेगी.

पहले से ही चल रहा था दोनों के बीच प्रेम प्रसंग

बताया जाता है कि राकेश व सुरभि ने प्रेम विवाह किया था. इन दोनों के दो बेटे भी हैं. राकेश पहले न्यू बाइपास स्थित एक अस्पताल में चतुर्थवर्गीय कर्मी के रूप में काम करता था. महिला स्टाफ वहां पर ही काम करती थी. इस दौरान राकेश ने प्रोपर्टी डीलर व मेडिकल उपकरण बेचने के साथ ही अन्य काम करके काफी पैसा कमाया. लेकिन उसका प्रेम प्रसंग काफी समय से महिला स्टाफ से चल रहा था. वर्ष 2018 में राकेश की शादी सुरभि से हो गयी. लेकिन महिला स्टाफ से राकेश का संबंध खत्म नहीं हुआ. राकेश ने जब अपना अस्पताल खोला तो उसने महिला स्टाफ को वहीं पर काम दे दिया. महिला स्टाफ का अपने पति से संबंध टूट चुका था. पुलिस को इन दोनों के बीच संबंधों की जानकारी मोबाइल फोन के सीडीआर निकालने के बाद हुई. क्योंकि ये लोग काफी देर-देर तक आपस में बात करते थे.

संचालक व एचआर मैनेजर का होगा नारको टेस्ट

एसएसपी ने बताया कि राकेश व मसूद का पुलिस नारको टेस्ट करायेगी. मसूद हॉस्पिटल के एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत था. क्योंकि इन दोनों को ही सारी बातों की जानकारी थी. वह घटना के समय हॉस्पिटल में भी मौजूद था. लेकिन यह अपना गुनाह कबूल नहीं कर रहा है. इस मामले में अनुसंधान इस बिंदू पर किया जा रहा है कि हत्या के पीछे कोई फाइनांसियल विवाद तो नहीं था? ऑफिस से शराब मिलने की सवाल पर एसएसपी ने बताया कि इस बिंदू पर भी जांच की जा रही है कि वहां किसने शराब की बोतल रखी थी और उसका क्या उद्देश्य था.

हॉस्पिटल के चैंबर से मिली थी ग्रे कलर की टोपी

पुलिस को जब 22 मार्च को सुरभि की हत्या की जानकारी मिली तो वहां जांच करने पहुंची. इस दौरान ग्रे कलर की टोपी भी चैंबर के अंदर मिली. किसी ने उसी टोपी से अपने चेहरे को छिपाया और हॉस्पिटल के अंदर दाखिल हो गया. पुलिस ने आसपास इलाके के कई सीसीटीवी कैमरे को खंगाला. लेकिन ग्रे कलर की टोपी लगाये शख्स की पहचान नहीं पायी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ajay kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >