13 स्थायी शिक्षकों के भरोसे सात हजार छात्रों का भविष्य

मोकामा के एक मात्र कॉलेज राम रतन सिंह महाविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य भगवान भरोसे है.

राम रतन सिंह महाविद्यालय का हाल

मोकामा.

मोकामा के एक मात्र कॉलेज राम रतन सिंह महाविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य भगवान भरोसे है. वर्ष 1957 में स्थापित, पूर्व में मगध और वर्तमान में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की घटक इकाई इस महाविद्यालय में मोकामा, घोसवरी, बड़हिया, लखीसराय के अलावा अन्य जिलों के भी छात्र-छात्रा पढ़ते हैं. महाविद्यालय में कला, वाणिज्य और विज्ञान विषयों में स्नातक और हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, राजनीति विज्ञान और दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई होती है. महाविद्यालय में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 6484 है और वर्तमान सत्र में नामांकन जारी है. इतने बच्चों को पढ़ाने के लिए महाविद्यालय में मात्र 13 स्थायी और चार गेस्ट फैकल्टी हैं. जबकि महाविद्यालय में शिक्षकों के कुल 46 पद स्वीकृत हैं.

लंबे समय से स्थायी प्राचार्य और वाणिज्य व जीव विज्ञान के प्रोफेसर नहीं हैं जबकि उन विषयों में भी छात्र नामांकित हैं. इन्हीं कारणों से महाविद्यालय में नियमित कक्षाएं नहीं चलती हैं. महाविद्यालय में गौर शैक्षणिक कर्मियों के कुल 86 पद स्वीकृत हैं जबकि वर्तमान में मात्र 18 कर्मी ही कार्यरत हैं. उनमें भी पांच दैनिक वेतन भोगी हैं, जिन्हें पिछले एक वर्ष से वेतन नहीं मिला है. करीब 12 वर्षों से पुस्तकालयाध्यक्ष का पद रिक्त है, नतीजा पुस्तकालय खुलता ही नहीं है. महाविद्यालय में छात्र छात्राओं के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है, साथ ही कई अन्य समस्याओं से छात्र छात्राओं को हर दिन रूबरू होना पड़ता है.

राम रतन सिंह महाविद्यालय के अरुण कुमार, बर्सर ने बताया कि महाविद्यालय में संसाधनों की कमी के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में हम लोग बेहतर प्रयास कर रहे हैं. हाल के दिनों में छह प्रोफेसर की नियुक्ति की गयी है और आगे भी हम लोग विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क में हैं. उम्मीद है कि महाविद्यालय में जो भी कमी है उसे शीघ्र दूर कर लिया जायेगा

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Published by: Mahesh kumar

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